बेंगलुरु: मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन के बाद देश में हाईस्पीड रेल नेटवर्क के विस्तार की तैयारी तेज हो गई है। दक्षिण भारत में बेंगलुरु को हाईस्पीड रेल कनेक्टिविटी का बड़ा केंद्र बनाने की योजना पर काम चल रहा है। प्रस्तावित कॉरिडोर के जरिए बेंगलुरु को चेन्नई, मैसूरु, हैदराबाद, पुणे और मुंबई जैसे प्रमुख शहरों से जोड़ा जा सकता है। इससे कर्नाटक के साथ तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और महाराष्ट्र के कई शहर हाईस्पीड रेल नेटवर्क के दायरे में आएंगे। नेशनल हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) मुंबई-अहमदाबाद कॉरिडोर के साथ देश के दूसरे संभावित हाईस्पीड रेल रूट की डीपीआर, अलाइनमेंट और तकनीकी अध्ययन से जुड़ी तैयारियों में जुटा है। दक्षिण भारत में चेन्नई-बेंगलुरु-मैसूरु, हैदराबाद-बेंगलुरु और बेंगलुरु-मुंबई प्रमुख प्रस्तावित कॉरिडोर हैं।
चेन्नई-बेंगलुरु-मैसूरु कॉरिडोर
दक्षिण भारत के सबसे अहम प्रस्तावित हाईस्पीड रेल कॉरिडोर में चेन्नई-बेंगलुरु-मैसूरु रूट शामिल है। करीब 463 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर में चेन्नई से बेंगलुरु की दूरी लगभग 306 किलोमीटर और बेंगलुरु से मैसूरु की दूरी करीब 157 किलोमीटर होगी। प्रस्तावित हाईस्पीड सेवा शुरू होने पर बेंगलुरु और चेन्नई के बीच यात्रा का समय मौजूदा करीब 5-6 घंटे से घटकर लगभग सवा घंटे रह सकता है। वहीं बेंगलुरु-मैसूरु यात्रा करीब 30-45 मिनट में पूरी होने की उम्मीद है। इस रूट पर चेन्नई सेंट्रल, पूनमल्ली, चित्तूर, कोलार, कोडिहल्ली, व्हाइटफील्ड, बयप्पनहल्ली, इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी, कैंगेरी, मांड्या और मैसूरु जैसे स्टेशन प्रस्तावित किए गए हैं।
हैदराबाद-बेंगलुरु के बीच सिर्फ ढाई घंटे का सफर
बेंगलुरु और हैदराबाद को जोड़ने वाला प्रस्तावित हाईस्पीड रेल कॉरिडोर करीब 610 किलोमीटर लंबा बताया जा रहा है। इस रूट पर ट्रेन की अधिकतम रफ्तार 320 किलोमीटर प्रति घंटा तक हो सकती है। मौजूदा रेल यात्रा में लगने वाला करीब 10-12 घंटे का समय घटकर लगभग ढाई घंटे रह सकता है। यह कॉरिडोर तेलंगाना, आंध्र प्रदेश के रायलसीमा क्षेत्र और उत्तरी कर्नाटक से होकर गुजरने की संभावना है। प्रस्तावित स्टेशनों में हैदराबाद का शमशाबाद एयरपोर्ट, महबूबनगर, करनूल, अनंतपुर, चिकबल्लापुर और बेंगलुरु का केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट शामिल हैं।
बेंगलुरु से मुंबई-पुणे भी हाईस्पीड कनेक्शन
बेंगलुरु को पुणे और मुंबई से जोड़ने वाला हाईस्पीड रेल कॉरिडोर भी दक्षिण भारत के बड़े प्रोजेक्ट्स में शामिल है। प्रस्तावित रूट की लंबाई करीब 850-900 किलोमीटर हो सकती है। मौजूदा रेल यात्रा में लगने वाला करीब 18-20 घंटे का समय हाईस्पीड रेल सेवा शुरू होने के बाद लगभग 4-5 घंटे तक सिमट सकता है। प्रस्तावित कॉरिडोर में बेंगलुरु, तुमकुरु, दावणगेरे, हुबली-धारवाड़, बेलगावी, कोल्हापुर, पुणे और मुंबई जैसे शहरों को जोड़े जाने की योजना पर काम हो रहा है।
जापानी तकनीक से बनेगा हाईस्पीड नेटवर्क
प्रस्तावित हाईस्पीड रेल कॉरिडोर में जापान की शिंकानसेन तकनीक और स्टैंडर्ड गेज का इस्तेमाल किया जा सकता है। रूट तय करने के लिए LiDAR सर्वे, अलाइनमेंट ड्राफ्टिंग और यातायात से जुड़े अध्ययन किए जा रहे हैं। घनी आबादी वाले बेंगलुरु, चेन्नई और हैदराबाद जैसे शहरी इलाकों में जरूरत के अनुसार सुरंगों का निर्माण किया जा सकता है, जबकि अन्य हिस्सों में एलिवेटेड वायडक्ट और जमीन पर बने ट्रैक का इस्तेमाल किया जाएगा। अगर प्रस्तावित परियोजनाएं आकार लेती हैं तो बेंगलुरु दक्षिण भारत का ऐसा प्रमुख हाईस्पीड रेल हब बन सकता है, जहां से देश के कई बड़े महानगरों और महत्वपूर्ण शहरों तक तेज कनेक्टिविटी मिलेगी। इससे कारोबार, आईटी, पर्यटन और क्षेत्रीय आवागमन को भी बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है।