Kanpur News: कानपुर में शहरी विस्तार की योजना के तहत 80 गांवों की करीब 45 हजार एकड़ जमीन को विकसित करने की तैयारी की जा रही है। कानपुर विकास प्राधिकरण (केडीए) इन गांवों के लिए नया मास्टर प्लान तैयार कर रहा है। योजना के तहत आवासीय, व्यावसायिक और औद्योगिक क्षेत्रों के साथ हरित क्षेत्र भी विकसित किए जाएंगे। यहां ग्रेटर नोएडा और मुंबई की तर्ज पर ऊंची इमारतें बनाने की योजना है, ताकि अधिक लोगों को आवास उपलब्ध कराया जा सके।

केडीए शहर के वर्ष 2031 तक के मास्टर प्लान के बाद अब जोनल प्लान तैयार करने की प्रक्रिया में जुटा है। इसके तहत अलग-अलग क्षेत्रों में जमीन के उपयोग का निर्धारण किया जाएगा। कहां आवासीय कॉलोनियां बनेंगी, कहां व्यावसायिक और औद्योगिक गतिविधियां होंगी और कहां हरियाली विकसित की जाएगी, यह जोनल प्लान के आधार पर तय होगा।

50 हजार लोगों को आवास देने की तैयारी
प्रस्तावित योजना में करीब 50 हजार लोगों को आवास उपलब्ध कराने का प्रारंभिक खाका तैयार किया जा रहा है। हालांकि, अभी योजना शुरुआती चरण में है। इसमें ऊंची इमारतों और फ्लैटों के साथ पार्क तथा ग्रीन बेल्ट विकसित करने पर भी जोर दिया जाएगा। केडीए अपनी पिछली आवासीय योजनाओं से मिले अनुभवों को ध्यान में रखते हुए नई योजना शुरू करने से पहले डिमांड सर्वे कराएगा। इसमें लोगों से उनकी जरूरतों और पसंद के बारे में राय ली जाएगी। इसके आधार पर मकानों और फ्लैटों के प्रकार तथा योजना की रूपरेखा तय की जाएगी।

लैंड पूलिंग से विकसित हो सकती है निजी जमीन
योजना के क्षेत्र में केडीए की जमीन के बीच निजी भूमि आने पर उसे भी विकास प्रक्रिया में शामिल करने की तैयारी है। इसके लिए लैंड पूलिंग या नियमानुसार भूमि अधिग्रहण का विकल्प अपनाया जा सकता है। इससे क्षेत्र का नियोजित विकास करने में मदद मिलने की उम्मीद है। केडीए के सचिव अभय पांडेय ने बताया कि 80 गांवों का नया मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है। यहां आवासीय, व्यावसायिक और औद्योगिक क्षेत्रों के साथ हरियाली भी विकसित की जाएगी। उन्होंने कहा कि योजना लाने से पहले डिमांड सर्वे कराया जाएगा, ताकि लोगों की जरूरतों और मकान या फ्लैट को लेकर उनकी पसंद को समझा जा सके।

कानपुर नगर और देहात की पांच तहसीलों के गांव होंगे शामिल
प्रस्तावित योजना में कानपुर नगर और कानपुर देहात की पांच तहसीलों के 80 राजस्व गांव शामिल हैं। इनका विवरण इस प्रकार है, बिल्हौर के 38 गांव, नरवल के 17 गांव, मैथा के 13 गांव, अकबरपुर के 10 गांव और कानपुर सदर के 2 गांवों को शामिल किया गया है।

स्कूल, अस्पताल से लेकर कन्वेंशन सेंटर तक की सुविधा
प्रस्तावित विकास योजना में सिर्फ आवास ही नहीं, बल्कि आधुनिक शहरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की भी तैयारी है। इसके तहत स्कूल, कॉलेज, पुलिस स्टेशन, अस्पताल, कन्वेंशन सेंटर, आधुनिक कूड़ाघर, पिकनिक स्पॉट और पार्क जैसी सुविधाएं विकसित की जा सकती हैं।

योजना के शुरुआती खाके के अनुसार, उद्देश्य इन गांवों को नियोजित शहरी क्षेत्रों के रूप में विकसित करना है। हालांकि, जमीन के उपयोग, निर्माण और सुविधाओं से संबंधित अंतिम रूपरेखा मास्टर प्लान, जोनल प्लान और आगे की प्रक्रिया पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी।