Kanpur News: कानपुर के विकास को नई उड़ान देने की तैयारी तेज हो गई है। बता दें कि चकेरी एयरपोर्ट से सटी जाजमऊ की 1251 एकड़ जमीन पर एयरो सिटी विकसित करने की योजना पर काम आगे बढ़ रहा है। कानपुर विकास प्राधिकरण (KDA) ने इसके लिए तीन कंपनियों को तकनीकी और आर्थिक बिड के स्तर पर उतारा है। बिड की जांच पूरी होने के बाद करीब दो महीने में एक कंपनी का चयन किया जा सकता है।
एयरो सिटी के विकसित होने से कानपुर में नए कारोबारी अवसर पैदा होने के साथ रोजगार और आय के बढ़ने की उम्मीद है। वहीं, शहर के विस्तार के लिए प्रस्तावित ग्रेटर कानपुर योजना पर भी जमीन का सर्वे शुरू हो चुका है।
1251 एकड़ में बनेगी बिजनेस सिटी
एयरो सिटी को चकेरी एयरपोर्ट के नजदीक एक आधुनिक बिजनेस सिटी के रूप में विकसित करने की योजना है। इसके लिए जाजमऊ स्थित सीवरेज फार्म की करीब 1251 एकड़ जमीन को चुना गया है। योजना में आवासीय और व्यावसायिक गतिविधियों को एक साथ विकसित करने का प्रस्ताव है। इसके तहत लोगों को रहने, काम करने और व्यावसायिक गतिविधियों के लिए एक ही क्षेत्र में सुविधाएं मिल सकेंगी।
3 कंपनियां मैदान में, दो महीने में होगा फैसला
एयरो सिटी का पूरा खाका तैयार करने के लिए तीन कंपनियों ने रुचि दिखाई है। KDA की ओर से इन कंपनियों की तकनीकी और आर्थिक बिड की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद करीब दो महीने में एक कंपनी को अंतिम रूप दिए जाने की उम्मीद है। इसके बाद परियोजना के विकास की दिशा में अगला कदम उठाया जाएगा। KDA के मुख्य अभियंता आरआरपी सिंह के मुताबिक, तीन कंपनियों की बिड प्राप्त हुई हैं और फिलहाल इनकी जांच की जा रही है। जांच के बाद कंपनी का चयन किया जाएगा।
होटल से कन्वेंशन सेंटर तक, एक ही जगह मिलेंगी कई सुविधाएं
एयरो सिटी में मिश्रित भूखंड विकसित किए जाने की योजना है। इन भूखंडों पर एक ही जगह आवासीय और व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा सकेंगी। प्रस्तावित सुविधाओं में आवासीय क्षेत्र, होटल, कन्वेंशन सेंटर, पार्किंग, चौड़ी सड़कें, व्यावसायिक प्रतिष्ठान शामिल किए जाने की योजना है। इससे क्षेत्र में कारोबार बढ़ने के साथ रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
एयरपोर्ट के आसपास सड़कें होंगी चौड़ी
एयरो सिटी आने से पहले KDA ने क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की तैयारी शुरू कर दी है। इलाके की सड़कों के चौड़ीकरण का काम कराया जा रहा है। इसके अलावा चकेरी एयरपोर्ट के प्रवेश द्वार के सुंदरीकरण पर करीब 25 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य एयरपोर्ट और प्रस्तावित एयरो सिटी के आसपास बेहतर शहरी ढांचा तैयार करना है।
कृषि जमीन का भू-उपयोग भी बदला
एयरो सिटी की राह में जमीन के इस्तेमाल को लेकर कोई बड़ी अड़चन न आए, इसके लिए मास्टर प्लान-2031 में परियोजना क्षेत्र में आने वाली कृषि भूमि का भू-उपयोग आवासीय, व्यावसायिक और औद्योगिक किया गया है। इससे भविष्य में योजना के विकास के दौरान भूमि उपयोग से जुड़ी दिक्कतों को कम करने में मदद मिलेगी।
पांच साल पुराना विवाद भी हुआ खत्म
जाजमऊ के सीवरेज फार्म की जमीन को लेकर करीब पांच साल से नगर निगम और KDA के बीच विवाद चल रहा था। शासन स्तर पर हस्तक्षेप के बाद यह विवाद खत्म हुआ और जमीन KDA के पक्ष में कर दी गई। अब जमीन उपलब्ध होने के बाद एयरो सिटी योजना को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया तेज हो गई है।
5000 एकड़ में बसेगा ग्रेटर कानपुर
कानपुर के विस्तार की दूसरी बड़ी योजना ग्रेटर कानपुर को लेकर भी सर्वे शुरू हो गया है। करीब 5000 एकड़ जमीन पर प्रस्तावित इस योजना के लिए जमीन चिह्नित करने का काम चल रहा है। अब तक करीब 600 एकड़ जमीन चिह्नित किए जाने की जानकारी है। ऐसे में एयरो सिटी और ग्रेटर कानपुर योजना के जरिए कानपुर के शहरी विस्तार को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। एयरपोर्ट के पास 1251 एकड़ की एयरो सिटी और 5000 एकड़ का ग्रेटर कानपुर दोनों परियोजनाएं आकार लेती हैं तो कानपुर के विकास का नक्शा आने वाले वर्षों में काफी बदल सकता है।
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