Faridabad New City Project: स्मार्ट सिटी फरीदाबाद के विस्तार को लेकर बड़ी तैयारी शुरू हो गई है। हरियाणा सरकार की लैंड पूलिंग पॉलिसी-2022 के तहत करीब 4500 एकड़ जमीन पर नया शहर विकसित करने की योजना है। इस परियोजना में आवासीय, वाणिज्यिक, सार्वजनिक और अर्ध-सार्वजनिक क्षेत्रों को योजनाबद्ध तरीके से विकसित किया जाएगा। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) ने भूमि मालिकों और भूमि एकत्रीकरणकर्ताओं से अपनी जमीन योजना में शामिल कराने के लिए आवेदन मांगे हैं। आवेदन की अंतिम तारीख 30 नवंबर तय की गई है।

19 गांवों की जमीन से बदलेगा फरीदाबाद का नक्शा
प्रस्तावित योजना में फरीदाबाद के 19 गांवों की जमीन शामिल की गई है। इनमें खेड़ी कलां, नचौली, ताजूपुर, ढकौला, शाहबाद, बदरपुर सैद, शाहूपुरा, सहूपुरा, सोतई, सुनपेड़, मलेरना, जाजरू, भैंसरावली, फत्तूपूरा, भुआपुर, जसाना, फरीदपुर, सदपुरा और तिगांव शामिल हैं। इन क्षेत्रों की कुल करीब 4500 एकड़ जमीन को लैंड पूलिंग के जरिए विकसित करने का प्रस्ताव है। योजना लागू होने के बाद इन इलाकों में सड़कों, आवासीय कॉलोनियों, बाजारों और सार्वजनिक सुविधाओं का विकास एक तय मास्टर प्लान के अनुसार किया जा सकेगा।

कहीं घर तो कहीं कारोबार, ऐसे बसेंगे नए सेक्टर
सेक्टर 94ए, 96, 99, 101, 102, 103, 140, 141 और 142 में आवासीय विकास प्रस्तावित है। सेक्टर 100 को वाणिज्यिक गतिविधियों के लिए विकसित किया जाएगा। सेक्टर 96ए और 97ए में सार्वजनिक एवं अर्ध-सार्वजनिक सुविधाओं का विकास प्रस्तावित है। इससे नए शहर में घरों के साथ बाजार, संस्थान और अन्य जरूरी सुविधाएं भी एक योजनाबद्ध ढांचे में विकसित की जा सकेंगी।

क्या है लैंड पूलिंग पॉलिसी?
लैंड पूलिंग पॉलिसी का उद्देश्य अलग-अलग जगहों पर मौजूद जमीन को एक साथ लाकर उसका नियोजित विकास करना है। इसके तहत जमीन को एक बड़े विकास क्षेत्र के रूप में तैयार किया जाता है, जहां आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्रों के साथ सड़क, पार्क, सार्वजनिक सुविधाओं और दूसरे बुनियादी ढांचे के लिए भी जगह निर्धारित की जाती है। सरकार का मकसद फरीदाबाद के अनियोजित विस्तार को रोककर भविष्य के शहर को व्यवस्थित तरीके से विकसित करना है।

दूसरी तरफ मुआवजे को लेकर किसानों का धरना जारी
जहां एक ओर फरीदाबाद में हजारों एकड़ जमीन पर नए शहर की योजना आगे बढ़ रही है, वहीं दूसरी ओर सोतई गांव में किसान मुआवजे को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। वर्तमान बाजार दर के अनुसार मुआवजा देने की मांग को लेकर किसानों का अनिश्चितकालीन धरना शनिवार को नौवें दिन भी जारी रहा। किसानों का कहना है कि जब तक उनकी जमीन का उचित और मौजूदा बाजार भाव के अनुसार मुआवजा नहीं दिया जाता, आंदोलन जारी रहेगा। किसान नेता बबलू हुड्डा के मुताबिक, ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए सोतई गांव के किसानों की जमीन अधिग्रहण की जा रही है। इसी को लेकर किसान बढ़े हुए मुआवजे की मांग कर रहे हैं। प्रशासन ने किसानों की मांग के बाद धरनास्थल से पुलिस बल हटा लिया है।

नए शहर की राह में जमीन और मुआवजा दोनों बड़ी चुनौती
फरीदाबाद में 4500 एकड़ में नए शहर की योजना शहर के भविष्य के लिए बड़ा बदलाव साबित हो सकती है। इससे नए आवासीय क्षेत्र, कारोबार और बुनियादी ढांचा विकसित होने के साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ सकते हैं। हालांकि, जमीन को लेकर किसानों की मांग और मुआवजे जैसे मुद्दों का समाधान करना इस पूरी योजना के लिए अहम होगा। एक तरफ सरकार फरीदाबाद का नया नक्शा तैयार कर रही है, तो दूसरी तरफ जमीन मालिक अपने हक और उचित मुआवजे की मांग को लेकर आवाज उठा रहे हैं। 

और पढ़ें: 

7 सुपरफास्ट रेल कॉरिडोर से बदलेगी देश की रफ्तार! दिल्ली-मुंबई से कानपुर-लखनऊ, 50 शहरों को मिलेगा हाईस्पीड कनेक्श