Namo Bharat Train Update: एनसीआर में रहने वाले लोगों के लिए गुरुग्राम-फरीदाबाद-नोएडा नमो भारत आरआरटीएस कॉरिडोर को लेकर हलचल तेज हो गई है। परियोजना पर अगले सप्ताह अंतिम मंजूरी मिलने की उम्मीद है। शनिवार को दिल्ली और गुरुग्राम की संयुक्त टीम ने फरीदाबाद में प्रस्तावित रूट का निरीक्षण किया। इस कॉरिडोर के विकसित होने से एनसीआर के तीन प्रमुख शहरों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर हो सकती है।
फरीदाबाद में प्रस्तावित रूट का निरीक्षण
गुरुग्राम-फरीदाबाद-नोएडा आरआरटीएस परियोजना को लेकर पांच सदस्यीय टीम ने शनिवार को प्रस्तावित रूट का जायजा लिया। टीम ने गुरुग्राम मोड़ से सैनिक कॉलोनी, बाटा चौक और ग्रेटर फरीदाबाद तक के रास्ते का निरीक्षण किया। इस दौरान बिजली की हाईटेंशन लाइन, टावर, सब स्टेशन और पेयजल पाइपलाइन जैसी तकनीकी बाधाओं की पहचान की गई। अधिकारियों ने इन बाधाओं को दूर करने के लिए संबंधित ढांचों को दूसरी जगह शिफ्ट करने पर चर्चा की। इस काम पर करीब छह करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
तीन जगह बिजली की लाइनें बन रहीं बाधा
निरीक्षण के दौरान तीन स्थानों पर 66 केवी की बिजली लाइनें प्रस्तावित कॉरिडोर के रास्ते में बाधा बनती मिलीं। परियोजना के निर्माण के लिए इन लाइनों को शिफ्ट करने के साथ बिजली के टावर भी हटाने होंगे। इसके अलावा सेक्टर-28 और सेक्टर-29 के रूट पर आने वाली पेयजल पाइपलाइन को भी दूसरी जगह स्थानांतरित करना होगा। इन तकनीकी अड़चनों को दूर करने के बाद परियोजना के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ने में मदद मिलेगी।
गुरुग्राम मोड़ पर फ्लाईओवर की भी जांच
टीम ने गुरुग्राम मोड़ पर आरआरटीएस और ईस्ट-वेस्ट परियोजना के प्रस्तावित एलिवेटेड फ्लाईओवर का भी निरीक्षण किया। इसका उद्देश्य दोनों परियोजनाओं के निर्माण और उनके आपसी जुड़ाव में आने वाली तकनीकी समस्याओं को दूर करना है। अगले सप्ताह मंत्रालय में प्रस्तावित बैठक में परियोजना से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा होने की उम्मीद है। हालांकि, अंतिम मंजूरी और निर्माण की समयसीमा को लेकर आधिकारिक निर्णय का इंतजार है।
फरीदाबाद में 16 किलोमीटर का कॉरिडोर प्रस्तावित
प्रस्तावित योजना के तहत फरीदाबाद में करीब 16 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर विकसित किया जाना है। इसके प्रमुख स्टेशनों में सैनिक कॉलोनी, एनआईटी, बाटा चौक और सेक्टर-87/88 चौक शामिल हैं। यह कॉरिडोर गुरुग्राम से फरीदाबाद होते हुए नोएडा की ओर जाएगा।
एक ही ट्रैक पर चलेंगी नमो भारत और लोकल मेट्रो ट्रेनें
इस परियोजना की खास बात यह है कि प्रस्ताव के अनुसार, एक ही ट्रैक पर नमो भारत और लोकल मेट्रो ट्रेनें चलाने की व्यवस्था की जा सकती है। इससे लंबी दूरी की तेज आवाजाही के साथ स्थानीय यात्रियों को भी सुविधा मिलने की संभावना है। कॉरिडोर बनने से गुरुग्राम, फरीदाबाद और नोएडा के बीच सफर आसान हो सकता है। साथ ही सड़क यातायात पर दबाव कम करने और एनसीआर के अलग-अलग हिस्सों के बीच संपर्क बेहतर बनाने में भी मदद मिल सकती है।