Delhi Pollution News: दिल्ली-एनसीआर में सर्दियों के दौरान बढ़ने वाले वायु प्रदूषण से निपटने के लिए दिल्ली सरकार ने अभी से जमीनी स्तर पर निगरानी और प्रवर्तन की तैयारी शुरू कर दी है। सितंबर 2026 से मार्च 2027 तक राजधानी में प्रदूषण के प्रमुख स्रोतों पर चौबीसों घंटे नजर रखने के लिए विशेष टीमें तैनात की जाएंगी।

केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव की अध्यक्षता में दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण नियंत्रण उपायों को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हुई। इसमें दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा के अलावा दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के मंत्री एवं वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।बैठक में आगामी सर्दियों के लिए प्रदूषण नियंत्रण, जन-जागरूकता गतिविधियों और प्रदूषण के प्रमुख स्रोतों के खिलाफ कार्रवाई की रणनीति पर चर्चा हुई।

78 टीमें 39 सब-डिविजन में रखेंगी नजर

दिल्ली सरकार की योजना के तहत राजधानी की 39 सब-डिविजन में 78 समर्पित टीमें तैनात की जाएंगी। प्रत्येक सब-डिविजन में दो टीमें काम करेंगी।इन टीमों में DPCC के AEE और JE स्तर के अधिकारी नेतृत्व की भूमिका में रहेंगे। टीमें दिन-रात जमीनी निरीक्षण करेंगी और प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों की पहचान कर कार्रवाई सुनिश्चित करेंगी।

इनकी निगरानी में मुख्य रूप से ये प्रदूषण स्रोत रहेंगे:

  • पराली और बायोमास जलाना
  • निर्माण कार्यों से होने वाला धूल प्रदूषण
  • औद्योगिक प्रदूषण
  • गैर-अनुमोदित ईंधन का इस्तेमाल
  • निर्माण एवं तोड़फोड़ (C&D) कचरा
  • कूड़े की अवैध डंपिंग

सरकार का जोर केवल प्रदूषण स्रोतों की पहचान करने पर नहीं, बल्कि उल्लंघन सामने आने पर मौके पर तत्काल प्रवर्तन कार्रवाई करने पर रहेगा।

256 वार्ड स्तर की टीमें भी रहेंगी सक्रिय

स्थानीय स्तर पर निगरानी को और मजबूत करने के लिए दिल्ली में 256 वार्ड स्तर की टीमें भी तैनात की जाएंगी।इनमेंMCD क्षेत्रों के लिए 250 टीमें,NDMC के लिए 4 टीमें और दिल्ली कैंटोनमेंट बोर्ड के लिए 2 टीमेंशामिल हैं।ये टीमें अपने-अपने इलाकों में प्रदूषण के स्थानीय स्रोतों पर नजर रखेंगी। किसी तरह का नियम उल्लंघन मिलने पर संबंधित विभाग या एजेंसी के साथ समन्वय कर कार्रवाई कराई जाएगी।

48 प्रदूषण हॉटस्पॉट पर चलेगा विशेष अभियान

दिल्ली के 48 नॉन-कन्फॉर्मिंग प्रदूषण हॉटस्पॉट को भी विशेष निगरानी के दायरे में रखा गया है। इन क्षेत्रों में प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों के खिलाफ विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया जाएगा।इन अभियानों की निगरानी जिलाधिकारी स्तर से की जाएगी। संबंधित जिलाधिकारियों को कार्रवाई के लिए हॉटस्पॉट की सूची उपलब्ध करा दी गई है।इसके अलावा गैर-औद्योगिक क्षेत्रों में संचालित अनधिकृत और प्रदूषणकारी औद्योगिक इकाइयों पर भी निगरानी बढ़ाई जाएगी।

इन औद्योगिक गतिविधियों पर भी रहेगी नजर

सरकार की निगरानी व्यवस्था में कई तरह की औद्योगिक गतिविधियों को शामिल किया गया है। इनमें मेटल कास्टिंग, पाउडर कोटिंग, बफिंग-पॉलिशिंग, प्लास्टिक वेस्ट रिसाइक्लिंग, स्प्रे पेंटिंग, डेंटिंग-पेंटिंग और हीट ट्रीटमेंट जैसी गतिविधियां शामिल हैं।गैर-अनुमोदित ईंधन का इस्तेमाल करने वाली इकाइयों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।इसके साथ ही जींस रंगाई-धुलाई, एनोडाइजिंग, पिकलिंग, इलेक्ट्रोप्लेटिंग और फॉस्फेटिंग जैसी जल प्रदूषण से जुड़ी औद्योगिक गतिविधियों की भी निगरानी की जाएगी।

निर्माण कार्यों और DG सेट पर भी नजर

निर्माण और तोड़फोड़ से होने वाले धूल प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए डस्ट पोर्टल से संबंधित नियमों के अनुपालन की निगरानी की जाएगी।इसके अलावा DG सेट के इस्तेमाल को लेकर CAQM के निर्देश संख्या 76 के अनुपालन की भी जांच होगी। C&D वेस्ट के सेकेंडरी स्टोरेज सेंटरों का निरीक्षण किया जाएगा।सरकार ने कच्ची या बिना पक्की सड़कों और बड़े गड्ढों वाली सड़कों की पहचान कर संबंधित एजेंसियों से आवश्यक कार्रवाई कराने पर भी जोर दिया है।

Green Delhi और 311 ऐप की शिकायतों पर भी फोकस

प्रदूषण से जुड़ी नागरिक शिकायतों के निपटारे को भी नई व्यवस्था में अहम हिस्सा बनाया गया है। Green Delhi App और 311 App के जरिए मिलने वाली शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।इसका उद्देश्य प्रदूषण की शिकायत मिलने के बाद उसे संबंधित एजेंसी तक पहुंचाने के साथ-साथ मौके पर कार्रवाई की प्रक्रिया को तेज करना है।

सरकार का फोकस जमीनी कार्रवाई पर

दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि इस सर्दी में सरकार का फोकस सक्रिय, सघन और जमीनी स्तर की कार्रवाई पर रहेगा। इसके तहत टीमें चौबीसों घंटे प्रदूषण के स्रोतों की पहचान करेंगी और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।उन्होंने संबंधित विभागों, DPCC, जिलाधिकारियों और नगर निकायों को पूरे सर्दियों के मौसम में लगातार निगरानी और बेहतर आपसी समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए।मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार ने राजधानी में स्वच्छ हवा सुनिश्चित करने के लिए प्रदूषण नियंत्रण उपायों के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया है। नई व्यवस्था में प्रदूषण स्रोत की पहचान, तत्काल प्रवर्तन कार्रवाई और नागरिक शिकायतों के समयबद्ध समाधान-तीनों पर विशेष ध्यान रहेगा।