उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश में आने वाले दिनों में सफर का अंदाज बदलने वाला है। योगी सरकार ने राज्य के एक्सप्रेसवे नेटवर्क को और मजबूत करने के लिए पांच बड़े प्रोजेक्ट्स को रफ्तार देने का ऐलान किया है। इसके लिए करीब ₹18,400 करोड़ का प्रावधान किया गया है। खास बात यह है कि इन परियोजनाओं से पूर्वांचल और विंध्य क्षेत्र से लेकर पश्चिमी यूपी और जेवर एयरपोर्ट तक हाईस्पीड कनेक्टिविटी का दायरा बढ़ेगा।

विंध्य से सोनभद्र तक बनेगा नया एक्सप्रेसवे
प्रस्तावित विंध्य एक्सप्रेसवे प्रयागराज से सोनभद्र तक कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा। इसके जरिए विंध्य क्षेत्र को प्रदेश के बड़े सड़क नेटवर्क से जोड़ने की कोशिश है। इससे इस इलाके में आवाजाही आसान होने के साथ कारोबार और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

विंध्य-पूर्वांचल लिंक से जुड़ेगा दक्षिण-पूर्वी यूपी
विंध्य क्षेत्र को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए विंध्य-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे की योजना है। इससे सोनभद्र और चंदौली जैसे जिलों को पूर्वांचल के बड़े शहरों से तेज सड़क संपर्क मिल सकेगा। आगे चलकर यह कनेक्टिविटी प्रदेश के दूसरे हिस्सों तक पहुंचने में भी मददगार होगी।

जेवर एयरपोर्ट से गंगा एक्सप्रेसवे तक सीधा कनेक्शन
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर को गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाला लिंक पश्चिमी यूपी के लिए खास महत्व रखता है। इसके तैयार होने के बाद एयरपोर्ट से गंगा एक्सप्रेसवे तक पहुंच आसान होगी और आसपास के शहरों से हवाई अड्डे की कनेक्टिविटी बेहतर हो सकती है।

गंगा एक्सप्रेसवे अब हरिद्वार तक
गंगा एक्सप्रेसवे को मेरठ से हरिद्वार तक बढ़ाने की योजना भी इस विस्तार का अहम हिस्सा है। इससे पश्चिमी उत्तर प्रदेश और हरिद्वार के बीच तेज सड़क संपर्क मिलेगा। धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ माल ढुलाई और कारोबार को भी इसका फायदा मिलने की उम्मीद है।

आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे भी गंगा एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा
फर्रुखाबाद-हरदोई लिंक के जरिए आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे और गंगा एक्सप्रेसवे के बीच कनेक्शन मजबूत करने की योजना है। इससे प्रदेश के अलग-अलग एक्सप्रेसवे आपस में जुड़ेंगे और लंबी दूरी की यात्रा करने वाले लोगों को कई रूट विकल्प मिल सकेंगे।

यूपी में तैयार हो रहा एक्सप्रेसवे का बड़ा नेटवर्क
इन पांच परियोजनाओं की सबसे बड़ी खासियत यह है कि ये केवल नए रास्ते नहीं हैं, बल्कि मौजूदा एक्सप्रेसवे नेटवर्क को आपस में जोड़ने वाली महत्वपूर्ण कड़ियां हैं। जेवर एयरपोर्ट, गंगा एक्सप्रेसवे, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल और विंध्य क्षेत्र के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होने से पूरे राज्य में आवागमन का नेटवर्क और तेज हो सकता है।