नई दिल्ली: दिल्ली में IAS अधिकारियों के तबादलों को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) ने बीजेपी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। AAP का दावा है कि कथित दवा खरीद घोटाले और चावल खरीद घोटाले से जुड़े मामलों में कार्रवाई करने वाले दो IAS अधिकारियों का तबादला कर दिया गया है। पार्टी ने इस पर सवाल उठाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नारे ‘न खाऊंगा, न खाने दूंगा’ को ‘सफेद झूठ’ करार दिया।
दिल्ली AAP के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि IAS अधिकारी रूपेश ठाकुर ने दिल्ली सरकार के कथित 650 करोड़ रुपये के स्वास्थ्य घोटाले में भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (ACB) में FIR दर्ज कराने में अहम भूमिका निभाई थी। वहीं, IAS अधिकारी प्रशांत गोयल ने खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के आयुक्त रहते हुए कथित चावल घोटाले के मामले में कार्रवाई की थी। AAP के मुताबिक, दोनों अधिकारियों का तबादला गुरुवार को जारी की गई तबादला सूची के तहत किया गया है।
Prashant Goyal IAS was Commisioner of F&CS Dept who was bypassed by Arun Jha to execute Rice Scam. Prashant Goyal show-caused Arun Jha and got him suspended. Arun Jha said in writing that he was working on instructions of Minister Manjinder Singh Sirsa. Now Commissioner Prashant Goyal has been transferred. This BJP Govt penalises those who act on corruption.
— Saurabh Bharadwaj (@Saurabh_MLAgk) October 8, 2026
650 करोड़ के कथित स्वास्थ्य घोटाले में कार्रवाई का दावा
सौरभ भारद्वाज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि IAS अधिकारी रूपेश ठाकुर ने दिल्ली सरकार में कथित 650 करोड़ रुपये के स्वास्थ्य घोटाले में ACB में FIR दर्ज कराने में अहम भूमिका निभाई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे अधिकारी का तबादला किया जाना बीजेपी सरकार की भ्रष्टाचार विरोधी नीति पर सवाल खड़े करता है। भारद्वाज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘न खाऊंगा, न खाने दूंगा’ नारे का जिक्र करते हुए दावा किया कि सरकार की कथनी और करनी में अंतर है। हालांकि, ये आरोप आम आदमी पार्टी की ओर से लगाए गए हैं।
चावल खरीद घोटाले में मंत्री का नाम लेने का दावा
AAP अध्यक्ष ने IAS अधिकारी प्रशांत गोयल के तबादले को लेकर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, प्रशांत गोयल खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के आयुक्त थे। भारद्वाज ने आरोप लगाया कि विभाग के अतिरिक्त आयुक्त अरुण झा ने उन्हें दरकिनार कर कथित चावल घोटाले को अंजाम दिया। भारद्वाज के मुताबिक, प्रशांत गोयल ने अरुण झा को कारण बताओ नोटिस जारी किया था और उन्हें निलंबित कराने की कार्रवाई की थी। उन्होंने यह भी दावा किया कि अरुण झा ने लिखित रूप में कहा था कि वह मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा के निर्देश पर काम कर रहे थे। AAP ने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई करने वाले अधिकारियों को ही तबादले का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, इन आरोपों और तबादलों के पीछे के कारणों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
डेढ़ साल की बीजेपी सरकार पर AAP के लगातार हमले
दिल्ली में रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार के करीब डेढ़ साल के कार्यकाल के दौरान AAP ने कथित स्वास्थ्य घोटाले, चावल खरीद घोटाले और साइकिल खरीद घोटाले को लेकर सरकार पर लगातार निशाना साधा है। पार्टी ने इन मुद्दों को दिल्ली विधानसभा में भी उठाया था। AAP विधायकों ने कथित घोटालों पर चर्चा कराने की मांग की थी। पार्टी का आरोप है कि बीजेपी सरकार इन मामलों पर विधानसभा में चर्चा कराने के लिए तैयार नहीं थी।
LG से निष्पक्ष जांच की मांग
AAP ने यह भी कहा कि पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने कथित घोटालों की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर उपराज्यपाल से मुलाकात की थी। फिलहाल, IAS अधिकारियों के तबादलों को लेकर दिल्ली की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। AAP इन तबादलों को भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई बता रही है, जबकि इन आरोपों की पुष्टि के लिए संबंधित विभागों का पक्ष और जांच से जुड़े आधिकारिक तथ्य सामने आना जरूरी है।
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