Ayodhya Deepotsav 2026: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को 10वें दीपोत्सव से पहले अयोध्या के बदलते स्वरूप और विकास को लेकर कहा कि भगवान राम की नगरी अपनी प्राचीन गौरवशाली पहचान फिर से प्राप्त कर रही है। दरअसल, दीपोत्सव की तैयारियों के बीच अयोध्या में धार्मिक, सांस्कृतिक और विकास कार्यों को प्रमुखता दी जा रही है। इसी संदर्भ में इस आयोजन के जरिए रामनगरी की परंपराओं, आस्था और सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करने की तैयारी है।

10वें दीपोत्सव से पहले अयोध्या के बदलते स्वरूप पर चर्चा

इस संदर्भ में 2017 से अयोध्या में हुए बदलाव पर रोशनी डालते हुए CM योगी आदित्यनाथ ने कहा कि  10वें दीपोत्सव से पहले शहर अपनी पुरानी शान वापस पा रहा है। इस दीपोत्सव में लाखों मिट्टी के दीये, रामायण के प्रसंगों वाली झांकियां, बड़े जुलूस और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या, जिसे सप्त पुरियों या सात पवित्र शहरों में से एक माना जाता है, वह धार्मिक उत्साह और सांस्कृतिक शान के साथ त्योहार मनाने की तैयारी कर रहा है।

मिट्टी के दीयों की रोशनी से जगमगाता सरयू का किनारा

मुख्यमंत्री योगी ने सोशल मीडिया X पर एक पोस्ट करते हुए  कहा कि, सप्त पुरियों में सबसे आगे, श्री अयोध्या धाम अपने 10वें भव्य और दिव्य दीपोत्सव का स्वागत करने के लिए बहुत उत्साहित है।  मिट्टी के दीयों की रोशनी से जगमगाता सरयू का किनारा, रामायण के प्रसंगों को जीवंत करती मनमोहक झांकियां, भव्य जुलूस और सांस्कृतिक कार्यक्रम इस उत्सव के दौरान त्रेता युग की यादें ताजा करेंगे। हर दीया भगवान श्री राम के प्रति असीम भक्ति का प्रतीक होगा और हर लौ हमारी सनातन संस्कृति की महिमा का बखान करेगी।

2017 से पहले अयोध्या की कथित अनदेखी पर CM योगी का सवाल

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने 2017 से पहले अयोध्या की कथित अनदेखी को लेकर पिछली सरकारों की आलोचना की और राम भक्तों और हनुमानगढ़ी मंदिर से जुड़ी घटनाओं का जिक्र किया। इस संदर्भ में उन्होंने  कहा कि, साल 2017 से पहले, भगवान श्री राम की प्रिय नगरी अयोध्या की अनदेखी, अव्यवस्था और बदहाली का दर्द झेल रही थी। उन्होंने शहर के विकास और सांस्कृतिक पुनरुत्थान का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राज्य सरकार को दिया।