नई दिल्ली: कांग्रेस ने केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकारों पर सीधा हमला बोलते हुए मंदिर के चंदे से जुड़े विवाद को लेकर जांच की मांग उठाई है। कांग्रेस  पार्टी ने आरोप लगाया कि भगवान राम के नाम पर राजनीतिक लाभ लिया जा रहा है, वहीं चंदे से जुड़े कथित अनियमितताओं के मामले पर चुप्पी साधी जा रही है।  

राम मंदिर ट्रस्ट के नाम पर बड़े पैमाने पर चंदे की चोरी

इस मामले में कांग्रेस ने राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े कथित बड़े पैमाने पर चंदे की चोरी और फाइनेंशियल गड़बड़ियों की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में  एक स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है।  इस संदर्भ मेें कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की लंबी चुप्पी पर सवाल उठात् हुए आरोप लगाया कि बड़े नेताओं एवं ट्रस्ट के अधिकारियों को बचाया जा रहा है, जबकि निचले लेवल के कर्मचारियों को बलि का बकरा बनाया जा रहा है। 

अव्यवस्था एवं व्यक्तिगत ज़िम्मेदारियों का अभाव

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट करते हुए कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने अव्यवस्था के बारे में चेतावनियों की ओर इशारा किया। इस सिलसिले में उन्होंने कहा कि  5 फरवरी, 2020 को ट्रस्ट बनने के कुछ ही महीने बाद एक प्राइवेट ऑडिट फर्म ने इंटरनल ऑडिट और रिस्क मैनेजमेंट पर एक अत्यंत महत्वपूर्ण रिपोर्ट पेश की। जिसमें  तंत्र की गंभीर कमियों की पहचान की गई और एक साफ संगठनात्मक ढ़ांचा या तय व्यक्तिगत ज़िम्मेदारियों का पूरी तरह से अभाव पाया गया। 

सत्यापन की प्रक्रिया की नियमित व्यवस्था पर उठाए सवाल

इसके साथ ही उन्होंने वित्तीय लेनदेन एवं डेटा एंट्री के लिए चंदे  के सत्यापन की प्रक्रिया की नियमित व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि  हज़ारों वर्कर बिना किसी औपचारिक HR डिपार्टमेंट के काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बैंक रिकंसिलिएशन के लिए आरक्षित लेखांकन' स्टाफ की कमी है और IT कंपनी के डेटा मैनेजमेंट सिस्टम के लिए कोई सेफगार्ड या वेरिफिकेशन तकनीक नहीं है।