Patna News: बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए बड़ी उपलब्धि सामने आई है। राज्य में पहली बार बिहार सरकार की आर्थिक सहायता से लिवर प्रत्यारोपण सफलतापूर्वक किया गया है। इसके लिए सरकार की ओर से 15 लाख रुपये का अनुदान उपलब्ध कराया गया। इस उपलब्धि के पीछे पटना के 16 वर्षीय मोनू कुमार का अंगदान भी एक बड़ी वजह बना, जिनके लिवर और दोनों किडनी दान करने से तीन जरूरतमंद मरीजों को नया जीवन मिला।

स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार की पहल और पूर्व घोषित निर्णय के अनुरूप लिवर प्रत्यारोपण के लिए सरकारी सहायता दी गई। सरकार का कहना है कि आर्थिक तंगी के कारण किसी भी जरूरतमंद मरीज को जीवनरक्षक इलाज से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा।

16 साल के मोनू के अंगदान से तीन मरीजों को मिला नया जीवन
दरअसल, पटना निवासी 16 वर्षीय मोनू कुमार सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इलाज के दौरान IGIMS, पटना में उन्हें ब्रेन डेड घोषित किया गया। इस मुश्किल घड़ी में उनके परिवार ने साहस और संवेदनशीलता दिखाते हुए स्वेच्छा से उनका लिवर और दोनों किडनी दान करने का फैसला किया।

मोनू के अंगदान से तीन मरीजों को जीवन की नई उम्मीद मिली। इनमें IGIMS, पटना में 19 वर्षीय युवती का सफल लिवर प्रत्यारोपण किया गया। वहीं, एक अन्य मरीज का किडनी ट्रांसप्लांट IGIMS में और एक मरीज का किडनी प्रत्यारोपण AIIMS, पटना में हुआ।

स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश पर मिला 15 लाख रुपये का अनुदान
स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने बताया कि मामला संज्ञान में आने के बाद उन्होंने IGIMS, पटना के निदेशक और लिवर प्रत्यारोपण विभाग के विभागाध्यक्ष को आवश्यक निर्देश दिए थे। उन्होंने अंगदान और प्रत्यारोपण की प्रक्रिया में होने वाले खर्चों की व्यवस्था करने के साथ ही पूर्व घोषित निर्णय के अनुसार लिवर प्रत्यारोपण के लिए बिहार सरकार की ओर से 15 लाख रुपये का अनुदान उपलब्ध कराने को कहा।

मंत्री ने कहा कि बिहार सरकार का संकल्प है कि आर्थिक कठिनाई की वजह से किसी भी जरूरतमंद मरीज को जीवनरक्षक उपचार से वंचित न होना पड़े। राज्य में पहली बार सरकारी सहायता से लिवर प्रत्यारोपण का सफल होना स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

IGIMS, AIIMS और राष्ट्रीय संस्थानों के समन्वय से सफल हुआ प्रत्यारोपण
अंगदान और प्रत्यारोपण की पूरी प्रक्रिया को सफल बनाने में कई संस्थानों ने मिलकर काम किया। इसमें IGIMS की ब्रेन डेथ कमेटी, SOTTO बिहार, NOTTO दिल्ली, ROTTO कोलकाता और IGIMS एवं AIIMS, पटना की चिकित्सकीय टीमों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। स्वास्थ्य मंत्री ने इस उपलब्धि के लिए पूरी मेडिकल टीम को बधाई दी। साथ ही मोनू कुमार के परिजनों के साहसिक और मानवीय फैसले को नमन करते हुए उनके प्रति गहरी संवेदना और सम्मान व्यक्त किया।

'अंगदान महादान', एक व्यक्ति बचा सकता है कई जिंदगियां
स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने कहा कि अंगदान महादान है और एक व्यक्ति का अंगदान कई लोगों को नई जिंदगी दे सकता है। मोनू कुमार का यह महादान पूरे समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। यह दिखाता है कि दुख की सबसे कठिन घड़ी में भी मानवता के लिए लिया गया एक फैसला कई परिवारों की जिंदगी में खुशियां लौटा सकता है। स्वास्थ्य विभाग, बिहार सरकार ने कहा कि वह अंगदान के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने और जरूरतमंद मरीजों को आधुनिक एवं जीवनरक्षक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। 

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