Bank Strike 2026: देशभर में 11 सितंबर को प्रस्तावित बैंक हड़ताल से पहले बैंक अधिकारियों ने इसके पीछे की प्रमुख मांगों को लेकर स्थिति साफ की है। ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कॉन्फेडरेशन (AIBOC) दिल्ली के अध्यक्ष और ऑल इंडिया सीनियर वाइस प्रेसिडेंट कुशल गुप्ता ने कहा कि हड़ताल के पीछे कई मुद्दे हैं, लेकिन पांच दिन की बैंकिंग व्यवस्था लागू करना सबसे बड़ी मांग है।
पांच दिन की बैंकिंग सबसे अहम मांग
कुशल गुप्ता ने कहा कि बैंक कर्मचारियों की कई मांगें हैं, जिनमें से चार प्रमुख मुद्दों को सामने रखा गया है। इनमें सबसे महत्वपूर्ण मांग पांच दिन की बैंकिंग व्यवस्था है। उन्होंने कहा कि बैंक कर्मचारी दिन-रात मेहनत करते हैं और मौजूदा व्यवस्था का उनके वर्क-लाइफ बैलेंस पर असर पड़ रहा है। कर्मचारियों के काम के दबाव को देखते हुए पांच दिन की बैंकिंग व्यवस्था की मांग लगातार उठाई जा रही है।
डिजिटल बैंकिंग से ग्राहकों को नहीं होगी बड़ी परेशानी
गुप्ता ने कहा कि आज बैंकिंग सेवाएं सिर्फ शाखाओं तक सीमित नहीं हैं। ATM, कैश डिपॉजिट मशीन, UPI और इंटरनेट बैंकिंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। उनके मुताबिक, अगर बैंक शाखाएं एक दिन बंद भी रहती हैं तो डिजिटल माध्यमों और अन्य सेवाओं की उपलब्धता के कारण आम लोगों को बड़ी परेशानी नहीं होगी।
2012 में पहली बार उठी थी मांग
पांच दिन की बैंकिंग व्यवस्था की मांग नई नहीं है। गुप्ता के मुताबिक, बैंक कर्मचारियों ने पहली बार 2012 में यह मांग उठाई थी। इसके बाद 2015 में हुए लिखित समझौते के तहत बैंक कर्मचारियों को हर महीने दो शनिवार की छुट्टी मिली। यानी साल में कुल 24 शनिवार छुट्टी के रूप में तय किए गए।
2024 के वेतन समझौते में भी मुद्दा शामिल
बैंक यूनियनों के मुताबिक, पांच दिन की बैंकिंग का मुद्दा 2020 में फिर चर्चा में आया। इसके बाद 8 मार्च 2024 को हुए वेतन समझौते में इसे औपचारिक रूप से शामिल किया गया। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत सोमवार से शुक्रवार तक कर्मचारियों को रोजाना 40 मिनट अतिरिक्त काम करना होगा और इसके बदले सभी शनिवार को छुट्टी देने की मांग है।
11 सितंबर को देशव्यापी हड़ताल
बैंक यूनियनों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर 11 सितंबर को देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है। हड़ताल का असर बैंक शाखाओं के सामान्य कामकाज पर पड़ सकता है। हालांकि, ATM, UPI और इंटरनेट बैंकिंग जैसी डिजिटल सेवाएं उपलब्ध रहने की उम्मीद है और इनके जरिए कई बैंकिंग काम किए जा सकेंगे। बैंक यूनियनों का कहना है कि पांच दिन की बैंकिंग व्यवस्था कर्मचारियों के वर्क-लाइफ बैलेंस को बेहतर करने के साथ आधुनिक डिजिटल बैंकिंग व्यवस्था के अनुरूप भी है।