नई दिल्ली: कांग्रेस के सीनियर लीडर जयराम रमेश ने गुरुवार को BRICS के डेवलपमेंट में पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की भूमिका को दोहराया। उन्होंने कहा कि भारत में पहली बार आयोजित BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान 2012 में मनमोहन सिंह ने BRICS डेवलपमेंट बैंक बनाने का विचार रखा था, जो आगे चलकर न्यू डेवलपमेंट बैंक (NDB) की स्थापना का आधार बना।

जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के ज़रिए BRICS की शुरुआत से लेकर इसके विस्तार तक का ज़िक्र किया। उन्होंने बताया कि ब्रिटिश अर्थशास्त्री जिम ओ'नील ने नवंबर 2001 में अपनी रिपोर्ट ‘Building Better Global Economic BRICs’ में BRIC शब्द गढ़ा था। इसमें ब्राजील, रूस, भारत और चीन को तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं के रूप में बताया गया था।

इसके बाद सितंबर 2006 में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की पहल पर इन चारों देशों के विदेश मंत्रियों की न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र के मंच पर बैठक हुई। इसमें आपसी सहयोग और विभिन्न क्षेत्रों में संबंध मजबूत करने पर सहमति बनी।

2009 में हुआ पहला BRIC शिखर सम्मेलन

रमेश के अनुसार, पहला BRIC शिखर सम्मेलन जून 2009 में रूस के येकातेरिनबर्ग में आयोजित हुआ था, जिसमें तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने हिस्सा लिया था।

सितंबर 2010 में दक्षिण अफ्रीका के शामिल होने के बाद BRIC का नाम BRICS हो गया। इसके बाद 2024 में मिस्र, इथियोपिया, ईरान और UAE BRICS में शामिल हुए, जबकि 2025 में इंडोनेशिया भी इसका हिस्सा बना।

2012 में मनमोहन सिंह ने डेवलपमेंट बैंक का प्रस्ताव रखा

जयराम रमेश ने बताया कि भारत ने पहली बार 29 मार्च 2012 को नई दिल्ली में BRICS शिखर सम्मेलन की मेजबानी की थी। इसी बैठक के दौरान डॉ. मनमोहन सिंह ने BRICS डेवलपमेंट बैंक बनाने का विचार प्रस्तावित किया था।

रमेश के अनुसार, जुलाई 2014 में यही पहल न्यू डेवलपमेंट बैंक (NDB) के रूप में सामने आया। इसका हेडक्वार्टर चीन के शंघाई में बनाया गया और जाने-माने बैंकर के.वी. कामथ इसके पहले प्रेसिडेंट बने।

उन्होंने कहा कि इसके बाद से भारत ने अलग-अलग राज्यों में डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स के लिए NDB से करीब 10 अरब डॉलर का कर्ज़ लिया है।

12-13 सितंबर को नई दिल्ली में BRICS समिट

जयराम रमेश की यह कमेंट ऐसे समय आई है जब भारत 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में BRICS समिट की मेज़बानी करने जा रहा है। इस समिट कॉन्फ्रेंस की ऑफिशियल थीम “Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability” रखी गई है।

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