Shubman Gill Big Statement: भारतीय टीम के प्रमुख तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज को कोलंबो टेस्ट की दूसरी पारी में केवल 15 ओवर डालने का मौका मिला था। इस दौरान सिराज ने 7 ओवर मेडल डाले थे तो 1.73 की बेहद सस्ती इकॉनमी से 26 रन खर्च किए थे।

सिराज ने दूसरी इनिंग में सलामी बल्लेबाज लाहिरू उदारा का कीमती विकेट भी लिया था, लेकिन बावजूद इसके कप्तान शुभमन गिल ने अपने प्रमुख तेज गेंदबाज का सही इस्तेमाल नहीं किया। यही वजह रही कि नई गेंद से टीम इंडिया श्रीलंकाई बल्लेबाजों पर अधिक दबाव नहीं डाल सकी।

क्या चोटिल थे मोहम्मद सिराज?

कप्तान द्वारा अधिक गेंदबाजी नहीं करवाने के बाद कयास लगाए जा रहे थे कि शायद चोटिल थे, जिसके कारण उनका इस्तेमाल कप्तान ने अधिक नहीं किया। लेकिन, मैच समाप्ति के बाद कप्तान शुभमन ने खुद खुलासा किया है कि सिराज चोटिल नहीं है।

गॉल टेस्ट में उनकी तबीयत थोड़ी खराब थी और उन्होंने अपना आखिरी टेस्ट जून में अफगानिस्तान के खिलाफ खेला था। वह दो महीने के लंबे ब्रेक के बाद वापसी कर रहे हैं। जब कोई खिलाड़ी इतने समय बाद वापसी करता है तो लय और फॉर्म हासिल करने के लिए उनको थोड़ा समय देना होता है। कप्तान ने भी माना की सिराज अपनी परिचित रफ्तार से गेंदबाजी नहीं कर रहे थे।

दूसरी पारी में 1.73 की इकॉनमी

कप्तान शुभमन गिल का मानना है कि मोहम्मद सिराज मैच में लय में नहीं दिखे हैं, लेकिन दूसरी पारी में इस गेंदबाज ने डाले 15 ओवर में सिर्फ 27 रन दिए थे और एक सफलता भी प्राप्त की थी। कोलंबो टेस्ट की दूसरी पारी में जहां भारतीय गेंदबाज 2.44 या उससे अधिक की इकॉनमी से रन लुटा रहे थे तब सिराज का इकॉनमी रेट सिर्फ 1.73 था।

इन आंकडों को देखने के बाद कही भी सिराज आउट ऑफ फॉर्म नजर नहीं आ रहे थे। इसके अलावा जब पहले सत्र में कप्तान शुभमन ने सिराज को गेंद थमाई तो पहले ही ओवर के बाद उनको गेंदबाजी आक्रमण से हटा दिया गया था। जबकि उन्होंने अपनी स्विंग से श्रीलंकाई बल्लेबाजों को परेशान किया था।

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क्या गेंदबाज चुनने में हुई गलती?

कप्तान शुभमन गिल के बयान से एक बात तो साफ है कि उनको मैच से पहले मालूम था कि सिराज की गेंदबाजी में पुरानी रफ्तार नजर नहीं आ रही थी। ऐसे में कप्तान उनकी जगह गुरनूर बराड़ या आकिब नबी को प्लेइंग इलेवन में शामिल कर सकते थे, लेकिन उन्होंने ऐसा न करके सिराज के साथ जाने का फैसला किया।

हालांकि, सिराज ने दोनों पारियों में 1-1 विकेट लिया, लेकिन कप्तान ने उनको अधिक गेंदबाजी का मौका नहीं ही दिया। पहली पारी में उन्होंने 11 ओवर डाले तो दूसरे में उनको सिर्फ 15 ओवर डालने का मौका दिया।

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