Mohammed Shami: गेंद को दोनों ओर स्विंग करवाने की काबिलियत रखने वाले भुवनेश्वर कुमार को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने न्यूजीलैंड में होने वाली पांच टी20 मैचों की सीरीज के लिए स्क्वाड में चुना है। अजीत अगरकर के जाने और नवंबर 2022 के बाद पहली बार भुवी की टीम इंडिया में एंट्री हुई है।

36 वर्षींय गेंदबाज के बाद मोहम्मद शमी की उम्मीदें भी बढ़ चुकी हैं, क्योंकि उनको भी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के बाद टीम इंडिया में मौका नहीं मिला है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, टी20 स्क्वाड सेलेक्शन के दौरान मोहम्मद शमी के नाम पर भी चर्चा की गई थी।

घरेलू क्रिकेट में एक्टिव हैं शमी

दाएं हाथ के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने भारत के लिए आखिरी इंटरनेशनल मैच चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में खेला था। इसके बाद अजीत अगरकर की अगुवाई वाली मुख्य चयन समिति ने उनको टीम इंडिया से ड्रॉप कर दिया और दोबारा मौका नहीं दिया।

अगरकर के पुराने बयानों के मुताबिक, शमी को उनकी फिटनेस क्लीयरेंस न होने की वजह से नहीं चुना गया, लेकिन इन बयानों के बाद भी शमी लगातार घरेलू क्रिकेट में एक्टिव नजर आए हैं। शमी बंगाल के लिए घरेलू क्रिकेट खेलते हैं और उन्होंने इस दौरान प्रथम श्रेणी, सैयद मुश्ताक अली और विजय हजारे ट्रॉफी में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है।

मोहम्मद शमी की बढ़ी उम्मीद

भुवनेश्वर कुमार की वापसी के बाद अब मोहम्मद शमी के लौटने की उम्मीद भी काफी हद तक बढ़ चुकी हैं, क्योंकि भुवी को उनके घरेलू प्रदर्शन के आधार पर टीम इंडिया में मौका मिला है और शमी भी काफी लंबे समय से घरेलू क्रिकेट में एक्टिव हैं और अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं।

शमी आखिरी बार दलीप ट्रॉफी 2026 में ईस्ट जोन के लिए खेलते नजर आए थे, जहां तीन मैचों की छह पारियों में उन्होंने 7 विकेट झटके थे। वहीं, आईपीएल 2026 में लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए भी उन्होंने अच्छी गेंदबाजी की थी और महत्वपूर्ण समय में विकेट चटकाए थे।

शमी के आंकड़े बता रहे हैं सच्चाई

मोहम्मद शमी को लेकर चयन समिति लगातार कह रही है कि वह फिट नहीं हैं, लेकिन रणजी ट्रॉफी 2025-26 में उन्होंने 7 मैच खेले, जिसकी 13 पारियों में उन्होंने 37 विकेट चटकाए थे और उनका बेस्ट फिगर 8/90 रन था।

इसके बाद सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी 2025 में शमी ने बंगाल के लिए 7 मैच खेले, जिसमें 16 विकेट चटकाए और विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 में शमी ने 7 मुकाबलों में 15 बल्लेबाजों को अपना शिकार बनाया था।

यानी शमी लगातार घरेलू प्रदर्शन में न सिर्फ अच्छी गेंदबाजी कर रहे हैं, बल्कि लगातार विकेट भी चटका रहे हैं। लेकिन इसके बावजूद उनको मौका नहीं मिल रहा है, जबकि अन्य गेंदबाज, जो लगातार महंगे साबित हो रहे हैं, उनको प्राथमिकता दी जा रही है।

ये भी पढ़ें- वैभव सूर्यवंशी की छुट्टी, SRH के साकिब हुसैन को मौका, रणजी ट्रॉफी के लिए बिहार बोर्ड ने किया स्क्वाड घोषित