गर्मियों और उमस वाले मौसम में पसीना, नमी और शरीर की लगातार गतिविधि त्वचा से जुड़ी कई परेशानियां बढ़ा सकती है. इनमें जांघों के बीच त्वचा का छिलना या जलन होना आम समस्या है। लंबे समय तक पैदल चलने, दौड़ने, एक्सरसाइज करने या ज्यादा एक्टिव रहने पर जांघों की त्वचा बार-बार आपस में रगड़ खाती है. इससे लालिमा, जलन, खुजली और दर्द जैसी समस्या हो सकती है। कई बार स्थिति बिगड़ने पर छोटे दाने, छाले या त्वचा पर घाव भी बन सकते हैं । इस समस्या को आमतौर पर चफिंग (Chafing) कहा जाता है। यह केवल जांघों तक सीमित नहीं रहती, बल्कि बगल, कमर, नितंब, छाती और पैरों के उन हिस्सों में भी हो सकती है जहां त्वचा या कपड़ों के बीच लगातार घर्षण होता है।
जांघों की त्वचा छिलने की क्या है मुख्य वजह?
चफिंग का सबसे बड़ा कारण लगातार होने वाला घर्षण है। चलने या व्यायाम के दौरान जांघों की त्वचा एक-दूसरे से बार-बार रगड़ खाती है। इसके अलावा टाइट या खुरदरे कपड़े भी त्वचा पर अतिरिक्त दबाव डाल सकते हैं। पसीने और नमी की मौजूदगी में त्वचा ज्यादा संवेदनशील हो जाती है, जिससे मामूली रगड़ भी जलन और लालिमा पैदा कर सकती है। जो लोग नियमित रूप से रनिंग, साइकिलिंग या दूसरी शारीरिक गतिविधियां करते हैं, उनमें इसका खतरा अपेक्षाकृत अधिक हो सकता है। गर्म और उमस भरे मौसम में पसीना ज्यादा आने के कारण परेशानी और बढ़ सकती है।
चफिंग के लक्षण कैसे पहचानें?
शुरुआत में प्रभावित हिस्से पर लाल निशान, जलन या खुजली दिखाई दे सकती है। त्वचा छूने पर गर्म या संवेदनशील महसूस हो सकती है। चलने या कपड़े के संपर्क में आने पर दर्द और चुभन भी हो सकती है. ज्यादा घर्षण होने पर दाने, छाले और त्वचा फटने जैसी समस्या हो सकती है. गंभीर मामलों में हल्का रक्तस्राव भी हो सकता है।
समस्या होने पर तुरंत क्या करें?
सबसे पहले उस गतिविधि को कुछ समय के लिए रोकना या कम करना जरूरी है, जिससे लगातार रगड़ हो रही है। प्रभावित हिस्से को हल्के साबुन और पानी से साफ करके बिना रगड़े धीरे-धीरे सुखाएं। ढीले और आरामदायक कपड़े पहनें, ताकि त्वचा को पर्याप्त हवा मिल सके और घर्षण कम हो। त्वचा पर पेट्रोलियम जेली की पतली परत लगाने से रगड़ कम करने और त्वचा को सुरक्षित रखने में मदद मिल सकती है। हल्की परेशानी में एलोवेरा जेल भी आराम दे सकता है. हालांकि, अगर त्वचा कट गई हो, घाव बन गया हो या संक्रमण के संकेत दिखाई दे रहे हों, तो घरेलू उपायों के बजाय डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर है।
दोबारा चफिंग से कैसे बचें?
ऐसे कपड़े पहनें जो शरीर पर सही फिट हों और जांघों के बीच अनावश्यक घर्षण न पैदा करें. एक्सरसाइज के दौरान नमी सोखने वाले एक्टिववियर उपयोगी हो सकते हैं। ज्यादा पसीना आने पर कपड़े बदलें और त्वचा को सूखा रखने की कोशिश करें। रनिंग या अन्य लंबी गतिविधियों से पहले एंटी-चफिंग उत्पाद का इस्तेमाल भी मददगार हो सकता है।
डॉक्टर से कब करें संपर्क?
अगर कुछ दिनों में परेशानी कम न हो, दर्द और सूजन बढ़ती जाए या छाले, खुले घाव और खून आने जैसी समस्या हो तो डॉक्टर से मिलना चाहिए। प्रभावित त्वचा में बैक्टीरियल या फंगल इंफेक्शन भी विकसित हो सकता है। ध्यान रखें कि जांघों के बीच हर तरह की खुजली या जलन चफिंग नहीं होती। जॉक इच जैसे फंगल इंफेक्शन के लिए अलग उपचार की जरूरत पड़ सकती है।
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