Ganesh Chaturthi 2026: हैदराबाद में गणेश चतुर्थी से पहले प्रसिद्ध खैरताबाद गणेश की भव्य मूर्ति लगभग पूरी तरह तैयार हो गई है। इस साल भगवान गणेश की प्रतिमा 69 फीट ऊंची है और इसे 'पंचमुख संकटहारा गणपति' नाम दिया गया है। हर वर्ष की तरह इस बार भी लाखों भक्तों के खैरताबाद पहुंचने की उम्मीद है।
खैरताबाद गणेश उत्सव समिति के चेयरमैन राजू कुमार ने बताया कि मूर्ति का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है और रविवार तक इसे भक्तों के दर्शन के लिए पूरी तरह तैयार कर दिया जाएगा। फिलहाल प्रतिमा को लकड़ी के सहारे वाली छड़ियों के पीछे सुरक्षित रखा गया है। इन सहारों को धीरे-धीरे हटाने के बाद श्रद्धालु भव्य प्रतिमा के दर्शन कर सकेंगे।
पांच राज्यों के 150 कलाकारों ने बनाया
राजू कुमार के मुताबिक, इस विशाल गणेश प्रतिमा को तैयार करने में करीब 150 कलाकारों ने योगदान दिया है। पश्चिम बंगाल, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और तेलंगाना के कलाकारों ने मिलकर कई दिनों की मेहनत के बाद प्रतिमा को अंतिम रूप दिया है।
उन्होंने बताया कि मूर्ति को सुरक्षित तरीके से खड़ा करने के लिए लगाए गए सहारों को एक-एक करके हटाया जाएगा। इसके बाद निर्माण का शेष काम भी पूरा कर लिया जाएगा।
राज्यपाल को पहली पूजा का न्योता
उत्सव समिति ने गणेश चतुर्थी के पहले दिन होने वाली पूजा के लिए तेलंगाना के राज्यपाल को आमंत्रित किया है। समिति के अनुसार, इस पूजा के साथ ही सार्वजनिक रूप से गणेश उत्सव की शुरुआत होगी।
इससे पहले शुक्रवार को समिति की ओर से 'आगमन' कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें करीब 10,000 भक्तों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं में गणेश उत्सव को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला।
लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद
खैरताबाद गणेश को तेलंगाना की सबसे ऊंची और प्रसिद्ध गणेश प्रतिमाओं में गिना जाता है। हर साल गणेश चतुर्थी के दौरान देशभर से श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं। विशाल प्रतिमा और भव्य सजावट इस उत्सव का प्रमुख आकर्षण रहती है।
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गणेश चतुर्थी भगवान गणेश के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाने वाला 10 दिवसीय हिंदू त्योहार है। इस दौरान घरों और सार्वजनिक स्थानों पर गणेश प्रतिमाएं स्थापित की जाती हैं। पूजा, आरती और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बाद अनंत चतुर्दशी के अवसर पर प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाता है। इसी के साथ गणेश उत्सव का समापन होता है।