अभिनेता राजपाल यादव के लिए शुक्रवार का दिन काफी महत्वपूर्ण रहने वाला है। उनके खिलाफ दर्ज चेक बाउंस मामले में दिल्ली हाईकोर्ट अपना फैसला सुनाने वाली है। यह मामला मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड की ओर से दायर किया गया था। फिलहाल इस केस में राजपाल यादव को हाईकोर्ट से अंतरिम जमानत मिली हुई है।

क्या है पूरा विवाद?

साल 2010 में राजपाल यादव ने अपनी फिल्म ‘अता-पता लापता’ के निर्देशन और निर्माण से जुड़े कामों के लिए मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से करीब 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। हालांकि फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं हो सकी, जिसके बाद अभिनेता तय समय पर रकम वापस नहीं कर पाए। समय बीतने के साथ ब्याज जुड़ने से बकाया राशि करीब 9 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। कंपनी को भुगतान के लिए दिए गए चेक जब बैंक में जमा किए गए तो वे वापस हो गए। इसके बाद कंपनी ने कानूनी कार्रवाई शुरू की। साल 2018 में दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने इस मामले में राजपाल यादव को दोषी मानते हुए छह महीने की सजा सुनाई थी।

अभिनेता ने इस फैसले को दिल्ली हाईकोर्ट में दी चुनौती

इसके बाद अभिनेता ने इस फैसले को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी। इस दौरान उन्हें कई बार राहत मिली। फरवरी 2026 में हाईकोर्ट ने बकाया रकम चुकाने के लिए अतिरिक्त समय देने की उनकी याचिका को स्वीकार नहीं किया। इसके बाद राजपाल यादव ने तिहाड़ जेल जाकर सरेंडर किया। बाद में उन्हें 17 फरवरी को जमानत मिल गई।

मुश्किल दौर में मिला साथ

इस कानूनी विवाद के बीच कई फिल्मी सितारे राजपाल यादव के समर्थन में आगे आए। सोनू सूद, सलमान खान, अजय देवगन और मीका सिंह जैसे कलाकारों ने उनकी मदद करने की इच्छा जताई थी। जेल से बाहर आने के बाद राजपाल यादव ने सभी शुभचिंतकों का आभार जताया और दोबारा अपने काम पर लौट गए। उन्होंने फिल्म ‘वेलकम टू द जंगल’ की शूटिंग पूरी की, जो अब सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है और दर्शकों से अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है।

करियर पर ध्यान दे रहे हैं राजपाल

इसके अलावा वह प्रियदर्शन की फिल्म ‘भूत बंगला’ में भी नजर आए, जहां उनके अभिनय को दर्शकों और समीक्षकों से सराहना मिली। तमाम मुश्किलों के बावजूद राजपाल यादव लगातार अपने फिल्मी करियर पर ध्यान दे रहे हैं।

 

 

Written By Toshi Shah