रात के दौरान एक या दो बार नींद खुल जाना आम बात मानी जाती है, लेकिन यदि आपकी नींद बार-बार टूट रही है और दोबारा सोने में कठिनाई हो रही है, तो इस स्थिति को हल्के में नहीं लेना चाहिए। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार नींद बाधित होना कई शारीरिक और मानसिक समस्याओं की ओर इशारा कर सकता है, जो लंबे समय में स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती हैं।

क्यों टूटती है बार-बार नींद?

विशेषज्ञों के अनुसार, स्लीप एपनिया रात में नींद टूटने का एक प्रमुख कारण है। इस समस्या में सोते समय व्यक्ति की सांस कुछ क्षणों के लिए रुक जाती है या बहुत धीमी हो जाती है, जिससे नींद बार-बार प्रभावित होती है। कई लोगों को इस बात का पता भी नहीं चल पाता कि उनकी नींद लगातार बाधित हो रही है। सुबह उठने पर सिरदर्द, दिनभर थकान महसूस होना, जोरदार खर्राटे लेना और ध्यान केंद्रित करने में परेशानी इसके सामान्य संकेत हो सकते हैं।

किन लोगों को ज्यादा होती है परेशानी?

अनिद्रा (इंसोम्निया) भी रात में बार-बार जागने की एक अहम वजह है। तनाव, चिंता या अवसाद से जूझ रहे लोगों में यह समस्या अधिक देखी जाती है। ऐसे लोगों की नींद बीच-बीच में खुल जाती है और फिर उन्हें दोबारा नींद आने में काफी समय लग सकता है। इसका असर दिनभर की ऊर्जा और मूड पर भी पड़ता है।

इन कारणों से भी होते है नींद प्रभावित

इसके अलावा, यदि किसी व्यक्ति को रात में कई बार पेशाब के लिए उठना पड़ता है, तो उसकी नींद भी प्रभावित हो सकती है। यह स्थिति गर्भावस्था, मधुमेह, बढ़े हुए प्रोस्टेट, ओवरएक्टिव ब्लैडर या कुछ विशेष दवाओं के कारण हो सकती है। ऐसे मामलों में मूल कारण का उपचार जरूरी होता है।

कमरे का माहौल भी निभाता है अहम भूमिका

नींद की गुणवत्ता पर कमरे का वातावरण भी बड़ा असर डालता है। यदि कमरा बहुत गर्म हो या रात में अत्यधिक पसीना आता हो, तो बार-बार नींद खुल सकती है। विशेषज्ञों का सुझाव है कि अच्छी नींद के लिए कमरा शांत, ठंडा और अंधेरा होना चाहिए।

मोबाइल फोन भी नींद प्रभावित का बड़ा कारण

वहीं, सोने से पहले मोबाइल फोन, लैपटॉप या अन्य डिजिटल उपकरणों का अधिक उपयोग भी नींद को प्रभावित कर सकता है। इन उपकरणों से निकलने वाली नीली रोशनी शरीर की प्राकृतिक नींद-जागने की प्रक्रिया को बाधित करती है, जिससे नींद आने और उसे बनाए रखने में दिक्कत हो सकती है। इसलिए सोने से कम से कम आधे घंटे पहले स्क्रीन से दूरी बनाना बेहतर माना जाता है।

कब लें डॉक्टर की सलाह?

यदि आपकी नींद लगातार बाधित हो रही है, दिनभर थकान बनी रहती है या यह समस्या लंबे समय से चल रही है, तो किसी विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। समय रहते कारण की पहचान और उचित इलाज न केवल नींद की गुणवत्ता में सुधार ला सकता है, बल्कि भविष्य में होने वाली कई स्वास्थ्य समस्याओं से भी बचाव कर सकता है।

 

 

 

Written By Toshi Shah