अल्पसंख्यक मामलों के केंद्रीय राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री की सलाह पर संविधान के अनुच्छेद 75(2) के तहत केंद्रीय मंत्रिपरिषद से जॉर्ज कुरियन का इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार किया गया।

भाजपा के वरिष्ठ नेता हैं जॉर्ज कुरियन

जॉर्ज कुरियन भाजपा के वरिष्ठ नेता हैं और केरल की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय रहे हैं। उन्हें केंद्र सरकार में अल्पसंख्यक मामलों के राज्य मंत्री के रूप में जिम्मेदारी सौंपी गई थी। उनके इस्तीफे के बाद राजनीतिक गलियारों में इसकी वजह को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

21 जून को इनका राज्यसभा कार्यकाल समाप्त हुआ था

दरअसल, जॉर्ज कुरियन का राज्यसभा कार्यकाल 21 जून को समाप्त हो गया था। उन्हें भाजपा ने केरल में अपनी राजनीतिक रणनीति के तहत राज्यसभा भेजा था। माना जाता है कि राज्य में पार्टी की पकड़ मजबूत करने और ईसाई समुदाय के बीच अपनी पहुंच बढ़ाने के उद्देश्य से उन्हें महत्वपूर्ण भूमिका दी गई थी। हालांकि, इस बार भाजपा ने उन्हें दोबारा राज्यसभा भेजने का फैसला नहीं किया।

जॉर्ज कुरियन को पहले से ही पार्टी ने दिए थे संकेत

पार्टी ने पहले ही संकेत दे दिए थे कि जॉर्ज कुरियन को नया कार्यकाल नहीं मिलेगा। उनकी जगह भाजपा महासचिव तरुण चुग को मध्य प्रदेश से राज्यसभा का उम्मीदवार बनाया गया। इसके बाद यह लगभग तय माना जा रहा था कि राज्यसभा सदस्यता समाप्त होने के साथ ही उन्हें मंत्री पद भी छोड़ना पड़ सकता है।

मंत्री पद पर बने रहना जॉर्ज कुरियन के लिए मुश्किल

भारतीय संविधान के अनुसार, कोई भी व्यक्ति मंत्री तो बन सकता है, लेकिन यदि वह संसद का सदस्य नहीं है तो उसे निर्धारित अवधि के भीतर संसद के किसी एक सदन का सदस्य बनना आवश्यक होता है। जॉर्ज कुरियन के मामले में राज्यसभा कार्यकाल समाप्त होने और दोबारा सदन में न पहुंच पाने के कारण उनका मंत्री पद पर बने रहना मुश्किल माना जा रहा था।

कुरियन का इस्तीफा संवैधानिक और राजनीतिक परिस्थितियों का नतीजा

उनका इस्तीफा किसी विवाद या राजनीतिक मतभेद का परिणाम नहीं, बल्कि संवैधानिक और राजनीतिक परिस्थितियों का स्वाभाविक नतीजा बताया जा रहा है। भाजपा संगठन में उनकी भूमिका और अनुभव को देखते हुए भविष्य में उन्हें पार्टी के भीतर कोई नई जिम्मेदारी मिल सकती है।

Written By: Geeta Sharma