Operation Tiger:  महाराष्ट्र की राजनीति में इन दिनों चर्चित ‘ऑपरेशन टाइगर’ के बीच शिवसेना (UBT में संभावित टूट की अटकलों ने राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है। इसी बीच पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने संगठन को एकजुट रखने के लिए सक्रियता तेज कर दी है। गुरुवार को दिल्ली स्थित पार्टी के संसद भवन कार्यालय में सुबह 11 बजे सांसदों की महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है, जिसे मौजूदा राजनीतिक घटनाक्रम के संदर्भ में बेहद अहम माना जा रहा है।

6 सांसदों के बागी होने की चर्चा तेज

सूत्रों के अनुसार,शिवसेना (UBT) के 6 सांसदों के बागी रुख अपनाने की चर्चा जोरों पर है। हालांकि पार्टी नेतृत्व का दावा है कि इनमें से दो सांसद अभी भी उसके संपर्क में हैं और वे आज की बैठक में शामिल हो सकते हैं। ऐसे में इस बैठक पर राजनीतिक विश्लेषकों और पार्टी कार्यकर्ताओं की विशेष नजर बनी हुई है।

22 जून को मुंबई स्थित शिवालय कार्यालय होगी बैठक

केवल सांसद ही नहीं,बल्कि पार्टी विधायकों को भी एकजुट रखने के प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। इसी कड़ी में उद्धव ठाकरे ने 22 जून को मुंबई स्थित शिवालय कार्यालय में शाम 4 बजे विधायकों की बैठक बुलाई है। माना जा रहा है कि संभावित राजनीतिक संकट को देखते हुए पार्टी नेतृत्व लगातार संवाद और बैठकों के जरिए संगठनात्मक मजबूती पर जोर दे रहा है।

शिवसेना (UBT) के वरिष्ठ नेताओं की थी ओम बिरला से मुलाकात

बुधवार को घटनाक्रम तब और तेज हो गया जब शिवसेना (UBT) के वरिष्ठ नेताओं और कथित बागी सांसदों ने अलग-अलग लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात की। पार्टी की ओर से लोकसभा सांसद अरविंद सावंत, अनिल देसाई और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने अध्यक्ष से आग्रह किया कि इस मामले में कोई भी निर्णय संविधान, कानून, लोकसभा के नियमों और उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप लिया जाए।

एक औपचारिक अलग गुट बनाने की तैयारी में बागी सांसद

दूसरी ओर, बागी सांसदों के एक समूह ने भी लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात कर दावा किया कि उन्हें लोकसभा में पार्टी के कुल 9 सांसदों में से 6 का समर्थन प्राप्त है। सूत्रों का कहना है कि बागी सांसद जल्द ही एक औपचारिक बैठक में अलग गुट के रूप में मान्यता की मांग कर सकते हैं। साथ ही महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में विलय का प्रस्ताव भी रखा जा सकता है।

Written By: Geeta Sharma