पंजाब के फरीदकोट जिले से एक दुखद घटना सामने आई है, जहां कर्ज से परेशान दो किसान भाइयों ने अपनी जान दे दी। हरीनौ गांव के रहने वाले (38)वर्षीय जसकरण सिंह और उसके (34) वर्षीय छोटे भाई जसविंदर सिंह उर्फ जोरा ने सोमवार सुबह गांव ढाब ब्राह्मण वाला के पास एक-दूसरे का हाथ पकड़कर छिंदवाड़ा एक्सप्रेस के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली।
कर्ज का बोझ और मानसिक तनाव बनी वजह
लोगों ने बताया दोनों भाई लंबे समय से आर्थिक दिक्कतों से जूझ रहे थे। खेती में खर्च बढ़ता जा रहा था, लेकिन आमदनी उतनी नहीं हो रही थी। धीरे-धीरे कर्ज बढ़ता गया और हालात ऐसे हो गए कि संभालना मुश्किल हो गया।
25 लाख चुकाने के बाद भी नहीं मिला चैन
परिवार वालों ने बताया कि भाइयों ने अपनी जमीन बेचकर करीब 25 लाख रुपये का कर्ज चुका दिया था। उन्हें लगा था कि इससे राहत मिल जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। बाकी कर्ज और घर के खर्चों ने उनकी चिंता और बढ़ा दी।
दोनों भाई चुपचाप सह रहे थे तनाव
पिछले कुछ दिनों से दोनों भाई काफी बदले-बदले से नजर आ रहे थे। गांव वालों का कहना है कि वे ज्यादा किसी से बात नहीं करते थे और अक्सर चुप रहते थे। ऐसा लग रहा था कि वे अंदर ही अंदर बहुत दबाव में हैं।
अचानक उठा लिया खौफनाक कदम
इसी तनाव के बीच दोनों भाई गांव के पास रेलवे ट्रैक पर पहुंचे और ट्रेन के आगे कूदकर अपनी जान दे दी। जैसे ही घटना की खबर फैली, पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है।
गांव में छाया मातम
इस घटना के बाद गांव में गहरा दुख देखने को मिला है। लोग सरकार से मांग कर रहे हैं कि किसानों की हालत पर ध्यान दिया जाए, ताकि आगे किसी को ऐसा कदम उठाने के लिए मजबूर न होना पड़े।
Written by: Anushka sagar