प्रयागराज। कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शनिवार को देश में बेरोजगारी की स्थिति को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि हर 1,000 युवाओं में केवल 12 युवा ही स्थायी नौकरी हासिल कर पाते हैं।
प्रयागराज में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्रों को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने देश के श्रम बाजार की स्थिति पर चिंता जताई।
उन्होंने कहा, “मैं आपको आंकड़े बताता हूं-हर 1,000 युवाओं में से केवल 12 को स्थायी नौकरी मिलती है। जहां तक आपके डेटा की बात है, वह आपसे ले लिया जाता है और Jio, अडानी, Facebook और Google जैसी बड़ी कंपनियों को सौंप दिया जाता है, और आपको इसके जाल में फंसा दिया जाता है।”
युवाओं को सोशल मीडिया का “आदी” बनाया जा रहा है
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि डिजिटल प्लेटफॉर्म युवाओं को सोशल मीडिया का “आदी” बनाने के लिए उनका इस्तेमाल कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, “आपसे कहा जाता है कि जितनी चाहें रील्स देखिए, जितने चाहें WhatsApp संदेश भेजिए और Instagram पर ब्राउज या कंटेंट बनाइए। यह 21वीं सदी का नशा है। फिर आपसे कहा जाता है कि Blinkit या Uber के लिए काम करें या मजदूरी करें। आप इस 21वीं सदी की लत में शामिल हो सकते हैं, लेकिन आपको नौकरी नहीं मिल सकती।”
“भारत के पास 40 करोड़ ऊर्जावान युवा”
कांग्रेस नेता ने कहा कि देश में करीब 40 करोड़ “ऊर्जावान युवा” हैं और यही भारत की वास्तविक ताकत हैं।
उन्होंने कहा कि दुनिया में चीन, अमेरिका और रूस की ताकत की चर्चा होती है, लेकिन 21वीं सदी में भारत के युवाओं की क्षमता इन सभी से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है।
डेटा के महत्व पर जोर देते हुए राहुल गांधी ने कहा कि 21वीं सदी में किसी देश की प्रगति मुख्य रूप से दो चीजों पर निर्भर करती है-युवाओं की क्षमता और उनके द्वारा तैयार किया जाने वाला डेटा।
उन्होंने कहा, “भारत के पास युवा शक्ति है और दुनिया में सबसे अधिक डेटा भी है। हर भारतीय प्रतिदिन एक गीगाबाइट डेटा इस्तेमाल करता है। भविष्य की प्रगति इसी डेटा और आपकी क्षमता से होगी। युवा शक्ति प्लस डेटा, 21वीं सदी की अर्थव्यवस्था के बराबर है।”
मैन्युफैक्चरिंग को लेकर सरकार पर निशाना
राहुल गांधी ने दावा किया कि देश में रोजगार पैदा करने के प्रमुख रास्ते बंद किए जा रहे हैं।
मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “दुनिया में आपको ‘Made in China’, ‘Made in Vietnam’, ‘Made in Bangladesh’ दिखाई देगा, लेकिन ‘Made in India’ नहीं दिखाई देगा।”
उन्होंने इसके लिए नोटबंदी और GST को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि इन नीतियों ने देश की विनिर्माण व्यवस्था को नुकसान पहुंचाया।
उन्होंने कहा कि छोटे कारोबारी, जो रोजगार देते थे, और चमड़ा, कपड़ा तथा ऑटोमोबाइल जैसे उद्योग, जिनमें भारत में उत्पादन होता था, प्रभावित हुए हैं। उनके अनुसार रोजगार का पहला रास्ता बंद हो गया है।
‘Startup India’ को लेकर भी सवाल
राहुल गांधी ने रोजगार के दूसरे रास्ते के रूप में उद्यमिता का उल्लेख किया और ‘Startup India’ योजना को लेकर सरकार पर निशाना साधा।
उन्होंने कहा कि इस योजना का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा छात्रों और छोटे कारोबारियों के लिए बैंक ऋण तथा वित्तीय सहायता होना चाहिए।
उन्होंने दावा किया, “भारत के बैंक आप जैसे छात्रों को एक रुपया भी नहीं देंगे। 90 प्रतिशत छोटे और मध्यम उद्योगों को बैंक ऋण नहीं मिलता। उद्यमिता का रास्ता भी बंद है।”
सरकारी नौकरियों में पेपर लीक का मुद्दा उठाया
सरकारी नौकरियों को रोजगार का तीसरा रास्ता बताते हुए कांग्रेस नेता ने भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक और भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया।
उन्होंने कहा, “तीसरा रास्ता सरकारी नौकरियों का है, जहां आपको पेपर लीक का सामना करना पड़ता है। अगर 150 युवा परीक्षा देकर सरकारी नौकरी की तलाश करते हैं, तो उनमें से केवल एक युवा सफल होता है।”
राहुल गांधी ने सार्वजनिक क्षेत्र के कमजोर होने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि करीब 10 साल पहले सार्वजनिक क्षेत्र 14 लाख युवाओं को रोजगार देता था।
उन्होंने कहा, “सार्वजनिक क्षेत्र का निजीकरण कर दिया गया। सरकारी स्कूल बंद किए गए, सरकारी अस्पताल बंद किए गए... नवरत्न कंपनियों को उठाकर बेच दिया गया। BSNL जैसी कंपनियां बेच दी गईं।”
AI से कॉरपोरेट नौकरियों पर भी खतरा
राहुल गांधी ने कॉरपोरेट क्षेत्र में उपलब्ध नौकरियों को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि IT, बैक-ऑफिस, ट्रांसक्रिप्शन और सॉफ्टवेयर जैसे क्षेत्रों में पहले भारतीय युवाओं को बड़ी संख्या में रोजगार मिलता था, लेकिन अब तकनीकी बदलाव और AI के कारण इस क्षेत्र में भी नौकरियों पर खतरा मंडरा रहा है।
उन्होंने कहा, “आपका डेटा इस्तेमाल करके AI के जरिए वह दरवाजा भी बंद किया जा रहा है।”
छात्रों ने पेपर लीक का मुद्दा उठाया
कार्यक्रम में एक छात्र ने युवाओं की आवाज उठाने के लिए राहुल गांधी का आभार जताया और उत्तर प्रदेश में भर्ती परीक्षाओं में कथित पेपर लीक का मुद्दा उठाया। छात्र ने 2017 की दरोगा भर्ती, 2018 की UP कांस्टेबल भर्ती, 2020-21 की UP SI भर्ती, 2022 की लेखपाल भर्ती तथा 2023 की RO/ARO और UP कांस्टेबल भर्ती परीक्षाओं का उल्लेख किया।
“नफरत और हिंसा के साथ काम नहीं करेंगे”
अपने संबोधन के अंत में राहुल गांधी ने युवाओं से शांतिपूर्ण संघर्ष का आह्वान किया। उन्होंने कहा, “हम कभी नफरत और हिंसा के साथ काम नहीं करेंगे। हिंदुस्तान की संस्कृति सत्य और अहिंसा की है। किसी छात्र के दिल में नफरत नहीं, केवल प्रेम होना चाहिए। हमें इस भ्रष्ट व्यवस्था को प्रेम और स्नेह के साथ खत्म करना है।”
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उन्होंने कहा कि वह अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हर युवा के साथ खड़े हैं और आगे भी उनके साथ खड़े रहेंगे।
Written By: Pradeep Singh