शुक्रवार (Friday) की रात जब लोग अपने घरों में सुकून से बैठे थे, तभी अचानक रात करीब 9:50 बजे उत्तर भारत के एक बड़े हिस्से में धरती जोर-जोर से डोलने लगी। दिल्ली-NCR से लेकर जम्मू-कश्मीर और पंजाब तक भूकंप के इतने तेज झटके महसूस किए गए कि लोग दहशत में आ गए। रिएक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 5.9 मापी गई है। इस भूकंप का असर सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि पड़ोसी देश पाकिस्तान और अफगानिस्तान में भी बड़े स्तर पर देखा गया, जिससे हर तरफ खौफ का माहौल बन गया।
आंखों के सामने डोलने लगे पंखे और झूमर
भूकंप इतना जोरदार था कि घरों के अंदर रखे सोफे, ऊपर लटके पंखे और सजावटी सामान साफ तौर पर हिलते नजर आए। जो लोग मल्टीस्टोरी बिल्डिंगों में रह रहे थे, उनके लिए ये पल किसी डरावने सपने से कम नहीं थे। कई लोगों ने बताया कि उनके बेड और अलमारियां तक हिलने लगी थीं। अफरातफरी का आलम ये था कि लोग लिफ्ट छोड़कर सीढ़ियों से नीचे भागे। देखते ही देखते दिल्ली और नोएडा के पार्कों में सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई, हर कोई बस एक-दूसरे का हाल पूछ रहा था।
जमीन से 150 KM नीचे हलचल... और काप गया आधा हिंदुस्तान
भूकंप का असली केंद्र (Epicenter) अफगानिस्तान के हिंदूकुश इलाके में जमीन से करीब 150 किलोमीटर नीचे था। गहराई ज्यादा होने की वजह से ही इसके झटके दिल्ली, चंडीगढ़ और लुधियाना जैसे दूर-दराज के शहरों तक इतनी ताकत के साथ महसूस किए गए। कश्मीर के पुंछ और उधमपुर जैसे इलाकों में तो झटके काफी देर तक रुक-रुक कर महसूस होते रहे। पाकिस्तान के भी कई शहरों में इस भूकंप ने लोगों की नींद उड़ा दी।
सोशल मीडिया पर लोगों ने बयां किया खौफ
जैसे ही भूकंप थमा, सोशल मीडिया पर वीडियो और पोस्ट की बाढ़ आ गई। दिल्ली के एक यूजर ने लिखा, "बाहर तेज बारिश हो रही थी और अंदर अचानक धरती डोलने लगी, समझ नहीं आया कि किधर भागें।" कश्मीर के एक शख्स ने बताया कि उसने अपनी पूरी जिंदगी में आज तक इतने खतरनाक झटके महसूस नहीं किए थे। लोग एक-दूसरे को फोन करके हाल-चाल जानने लगे और कई जगहों पर तो लोग डर के मारे घंटों तक अपने घरों के अंदर वापस नहीं गए।
प्रशासन की चेतावनी
सबसे राहत वाली बात ये है कि इतने तेज़ झटकों के बाद भी अभी तक कहीं से किसी बड़े नुकसान या जान-माल की हानि की खबर नहीं आई है। फिलहाल सब कंट्रोल में है, लेकिन प्रशासन ने साफ कहा है कि ढिलाई न बरतें। एक्सपर्ट्स की मानें तो ऐसे बड़े भूकंप के बाद हल्के 'आफ्टरशॉक्स' (झटके) आने का डर बना रहता है, इसलिए अगर ज़रा भी हलचल महसूस हो, तो तुरंत खुले मैदान की तरफ भागें और लिफ्ट का इस्तेमाल बिल्कुल न करें। घबराएं नहीं, बस सावधान रहें।
Disclaimer: यह जानकारी फिलहाल शुरुआती रिपोर्ट्स और ग्राउंड जीरो से मिली खबरों पर आधारित है। किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
Written by: Anushka sagar