दक्षिण भारत की राजनीति में पिछले कई दिनों से एक बड़ा डर बना हुआ था कि क्या जनसंख्या कम होने की वजह से यहाँ की लोकसभा सीटें कम हो जाएंगी? इस डर और विपक्ष के आरोपों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तमिलनाडु में एक बहुत बड़ा और ऐतिहासिक ऐलान कर दिया है। पीएम ने साफ लफ्जों में कहा है कि दक्षिण के राज्यों को उनके अच्छे काम की सजा नहीं मिलेगी और उनकी सीटों में कोई कटौती नहीं की जाएगी।
सीटों की संख्या बढ़ाने का 'नया फॉर्मूला'
पीएम मोदी ने खुलासा किया कि सरकार सीटों को घटाने के बजाय पूरे देश में सीटों की कुल संख्या बढ़ाने पर विचार कर रही है। उन्होंने बताया कि महिला आरक्षण को सही तरीके से लागू करने के लिए लोकसभा की सीटों को 543 से बढ़ाकर 816 किया जा सकता है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि उत्तर भारत की सीटें बढ़ने के बावजूद दक्षिण भारत के राज्यों—जैसे तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक—का प्रतिनिधित्व कम नहीं होगा, बल्कि उनकी सीटें पूरी तरह सुरक्षित रहेंगी।
अच्छे काम की सजा नहीं, मिलेगा इनाम - पीएम मोदी
रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने दक्षिण भारतीय राज्यों के प्रयासों की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, गोवा और तेलंगाना ने देश के विकास के लिए जनसंख्या को नियंत्रित करने की दिशा में बेहतरीन काम किया है। पीएम ने भरोसा दिलाया कि जिन राज्यों ने इस जिम्मेदारी को अच्छे से निभाया है, उनके राजनीतिक प्रभाव को कम होने देना बिल्कुल गलत होगा और सरकार ऐसा होने नहीं देगी।
अब '816 सीटों' पर होगी चर्चा
इस बड़े बदलाव को कानूनी रूप देने के लिए संसद के सत्र को भी बढ़ा दिया गया है। पीएम ने जानकारी दी कि 16 से 18 अप्रैल तक संसद की विशेष बैठक होगी, जिसमें 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' और सीटों की संख्या बढ़ाने वाले विधेयकों पर चर्चा होगी। सरकार का मुख्य लक्ष्य 2029 तक संसद में महिलाओं की 33 प्रतिशत भागीदारी पक्की करना है, ताकि देश की आधी आबादी को कानून बनाने में बराबर का हक मिले।
पीएम ने विपक्ष के आरोपों को बताया सिर्फ 'अफवाह'
पिछले कुछ समय से कांग्रेस और बाकी विपक्षी पार्टियां सरकार पर आरोप लगा रही थीं कि सीटों के बँटवारे (Delimitation) के बहाने दक्षिण भारत के राज्यों के साथ नाइंसाफी की जा रही है। लेकिन पीएम मोदी ने इन सारी बातों को गलत बताया और इन्हें सिर्फ एक 'अफवाह' करार दिया। उन्होंने साफ कहा कि लोगों को बेवजह डराने की कोशिश की जा रही है। पीएम के मुताबिक, उनकी सरकार का असली मकसद महिलाओं को उनका हक दिलाना और हर राज्य को संसद में सही पहचान देना है, न कि किसी राज्य का हक छीनना।
Written by: Anushka sagar