बॉलीवुड में हर साल कई नई फिल्में रिलीज़ होती हैं और आजकल कुछ फिल्में 1000 करोड़ तक का कारोबार भी कर लेती हैं, लेकिन 90 के दशक की फिल्मों की लोकप्रियता और प्रभाव को टक्कर देना अभी भी आसान नहीं माना जाता। उस दौर को हिंदी सिनेमा का “गोल्डन एरा” कहा जाता है, जिसमें शाहरुख़ ख़ान ने कई यादगार और कल्ट मानी जाने वाली रोमांटिक फिल्में दीं।
6 साल में बनें फिल्म
उसी दौर की एक फिल्म ‘हम तुम्हारे हैं सनम’(Hum Tumhare Hain Sanam) है, जो 2002 में रिलीज़ हुई थी। खास बात यह है कि यह फिल्म शाहरुख़ ख़ान और सलमान ख़ान की ‘करण अर्जुन’ के बाद दूसरी साथ में की गई फिल्म थी। इसमें माधुरी दीक्षित शाहरुख़ के अपोजिट मुख्य भूमिका में नजर आई थीं। फिल्म की शुरुआत 1997 में हुई थी, लेकिन इसके निर्माण में कई तरह की रुकावटें आईं। टाइटल बदलने, संगीतकारों और गायकों में बदलाव, और कई बार स्क्रिप्ट व गानों में संशोधन के कारण इसकी रिलीज़ में काफी देरी हुई। इतना ही नहीं, शूटिंग के दौरान बनाए गए लुक्स और स्टाइल्स को भी बाद में बदलना पड़ा, क्योंकि फिल्म 90 के दशक की शुरुआत में डिजाइन की गई थी।
शाहरुख़ ख़ान खान का किरदार था अगल
निर्माता के.सी. बोकाड़िया के अनुसार, यह फिल्म कई उतार-चढ़ाव के बावजूद बन पाई, और कलाकारों की आपसी समझ व सहयोग के कारण ही यह थिएटर तक पहुंच सकी। फिल्म में शाहरुख़ ख़ान ने एक ईर्ष्यालु पति का किरदार निभाया था, जो उनके सामान्य रोमांटिक इमेज से अलग था, उन्होंने खुद माना था कि ऐसा किरदार उनके लिए थोड़ा अलग था, लेकिन निर्माता के कहने पर उन्होंने इसे स्वीकार किया।
एक रुपये नहीं लिए किंग खान
रिपोर्ट्स के अनुसार, शाहरुख़ को इस फिल्म के लिए लगभग 95 लाख रुपये की फीस मिलनी थी, लेकिन उन्होंने शूटिंग और रिलीज़ में हुई देरी तथा बढ़ते बजट को देखते हुए यह रकम लेने से इनकार कर दिया, उन्होंने यहां तक कहा था कि वे किसी शादी में कुछ मिनट के काम से भी इतनी कमाई कर सकते हैं, इसलिए निर्माता पर अतिरिक्त बोझ डालना ठीक नहीं होगा। यह फिल्म 28 मई 2002 को सिनेमाघरों में रिलीज़ हुई थी, लेकिन उम्मीद के मुताबिक सफलता हासिल नहीं कर पाई और इसे बॉक्स ऑफिस पर असफल माना गया।
Written By Toshi Shah