रेमो डिसूजा (Remo D'Souza) आज किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं, उन्होंने अपने संघर्ष और मेहनत के दम पर इंडस्ट्री में एक खास मुकाम हासिल किया है। हाल ही में उन्होंने अपने लेटेस्ट व्लॉग में अपनी जिंदगी से जुड़े कई पहलुओं पर खुलकर बात की। आपको बता दें कि रेमो डिसूजा का असली नाम रमेश गोपी नायर है, उन्होंने ईसाई धर्म अपनाने के बाद अपना नाम बदलकर रेमो डिसूजा रख लिया था। इस दौरान उनके धर्म परिवर्तन को लेकर कई तरह की बातें भी सामने आती रही हैं।

15 साल उम्र में बदला धर्म

हाल ही में एक बातचीत के दौरान उन्होंने अपनी आध्यात्मिक यात्रा पर विस्तार से चर्चा की। रेमो ने साफ किया कि उन्होंने यह निर्णय अपनी पत्नी लिजेल की वजह से नहीं लिया था, जैसा कि अक्सर लोग मान लेते हैं, उन्होंने बताया, “मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि मेरा धर्म परिवर्तन मेरी पत्नी की वजह से नहीं हुआ। उस समय मेरी उम्र लगभग 15 साल थी। मैं चर्च के कामों में काफी सक्रिय रहता था। उसी दौरान फादर ने मुझसे पूछा कि मैं कन्वर्ट क्यों नहीं हो जाता। जब मैंने यह बात अपने पिता से साझा की तो उन्होंने भी कोई आपत्ति नहीं जताई।”

रेमो के घर में शिवलिंग

रेमो ने अपने व्लॉग में अपने घर की झलक भी दिखाई, जहां एक दिलचस्प बात देखने को मिली, उनके घर में ईसा मसीह की प्रतिमा के साथ-साथ भगवान गणेश और भगवान शिव की मूर्तियां भी मौजूद हैं, उनकी पत्नी लिजेल ने बताया कि वह शिवलिंग घर में स्थापित करना चाहती थीं। इस पर रेमो ने यह भी दिखाया कि उनके घर में एक छोटा सा शिवलिंग भी रखा हुआ है। घर के एक हिस्से में भगवान शिव की बड़ी प्रतिमा के साथ शिवलिंग स्थापित किया गया है।

रेमो ने शुरुआती दिनों को किया याद

लिजेल ने बातचीत में कहा कि जब वह मंदिर जाती थीं और अभिषेक करती थीं, तो भीड़ के कारण कई बार असहज स्थिति बन जाती थी। इसी वजह से उन्होंने घर में ही शिवलिंग स्थापित करने का निर्णय लिया। रेमो डिसूजा ने अपने शुरुआती दिनों को भी याद किया जब वह मुंबई आए थे, उन्होंने बताया कि उस समय उन्हें अपने रंग-रूप की वजह से कई बार अस्वीकृति झेलनी पड़ी। हालात इतने मुश्किल थे कि कई बार खाने तक के पैसे नहीं होते थे और उन्हें रेलवे स्टेशन पर रात गुजारनी पड़ी थी।

Written By Toshi Shah