Rahul Gandhi: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने महिलाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। 5 अप्रैल रविवार को उन्होंने वन स्टॉप सेंटर (OSCs) से जुड़ी समस्याओं को उठाते हुए आरोप लगाया कि सरकार जमीनी हकीकत को नजरअंदाज कर रही है। ये सेंटर हिंसा से प्रभावित महिलाओं को एक ही जगह पर सहायता देने के लिए बनाए गए हैं।
वन स्टॉप सेंटर में पर्याप्त मदद क्यों नहीं मिलती: राहुल
राहुल गांधी ने कहा कि सुरक्षा केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि सरकार की बुनियादी जिम्मेदारी है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब महिलाएं हिंसा से बचकर OSCs तक पहुंचती हैं, तो उन्हें पर्याप्त मदद क्यों नहीं मिलती। उन्होंने स्टाफ की कमी, बंद पड़े केंद्रों और लगातार मिल रही शिकायतों पर भी चिंता जताई।
'सब कुछ संतोषजनक है'
उन्होंने कहा, मैंने संसद में पूछा था कि जब कोई महिला मदद के लिए OSC पहुंचती है तो उसे दरवाजे बंद क्यों मिलते हैं? लेकिन सरकार की ओर से जवाब मिला कि सब कुछ संतोषजनक है। राहुल गांधी ने इस जवाब पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि सब कुछ ठीक है, तो देशभर से समस्याओं की रिपोर्ट क्यों आ रही हैं।
लोकसभा में OSCs की स्थिति को लेकर राहुल ने उठाए सवाल
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के बजट में OSCs के लिए पर्याप्त खर्च नहीं किया जा रहा। उनके अनुसार, हर 100 रुपये में से केवल 60 पैसे ही इन केंद्रों पर खर्च हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि हर चीज को संतोषजनक बताकर टाल देने से महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की जा सकती। राहुल गांधी ने 27 मार्च को लोकसभा में OSCs की स्थिति को लेकर कई सवाल पूछे थे। उन्होंने केंद्रों की संख्या, उनकी कार्यप्रणाली, महिलाओं को मिली सहायता, दर्ज मामलों और फंड के उपयोग का राज्यवार और सालवार ब्योरा मांगा था।
राज्य मंत्री सावित्रीबाई ठाकुर ने राहुल के बयान पर क्या बोला?
वहीं, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय में राज्य मंत्री सावित्रीबाई ठाकुर ने अपने लिखित जवाब में कहा कि OSCs 'मिशन शक्ति' के तहत संचालित हो रहे हैं और ये महिलाओं को चिकित्सा, कानूनी, पुलिस सहायता और अस्थायी आश्रय जैसी सेवाएं प्रदान करते हैं। उन्होंने बताया कि 1 अप्रैल 2015 से 31 दिसंबर 2025 तक देशभर में 13.37 लाख से अधिक महिलाओं को इन केंद्रों के जरिए मदद दी गई है। मंत्री ने यह भी कहा कि OSC योजना का कार्यान्वयन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की जिम्मेदारी है। साथ ही, 2020 और 2025 में किए गए थर्ड पार्टी मूल्यांकन में इस योजना को प्रभावी और संतोषजनक पाया गया है। हालांकि, राहुल गांधी के ताजा आरोपों के बाद OSCs की कार्यप्रणाली और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर बहस एक बार फिर तेज हो गई है।
Write By: Geeta Sharma