प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज सुबह 11 बजे आकाशवाणी पर प्रसारित होने वाले मन की बात कार्यक्रम के जरिए देश और विदेश के लोगों से अपने विचार साझा किया। यह कार्यक्रम का 132वां एपिसोड है और वर्ष 2026 का तीसरा प्रसारण है। हर महीने की तरह इस बार भी लोगों को प्रधानमंत्री के संबोधन का बेसब्री  से इंतजार था। मन की बात देश के लोगों से सीधा संवाद का मंच माना जाता है। पीएम मोदी ने मन की बात शुरू करते हुए कहा 'मार्च का ये महीना, वैश्विक स्तर पर बहुत ही हलचल भरा रहा है। हम सबको याद है कि पूरा विश्व भूतकाल में कोविड के कारण एक लंबे समय तक अनेक समस्याओं से गुजरा था,' उन्होंने कहा कि हम सभी की अपेक्षा थी कि कोरोना के संकट से निकलने के बाद दुनिया नए सिरे से प्रगति की राह पर आगे बढ़ेगी, लेकिन, दुनिया के अलग-अलग क्षेत्रों में लगातार युद्ध और संघर्ष की परिस्थितिया बनती चली गईं।

हमारे पड़ोस में भीषण युद्ध चल रहा

पीएम मोदी ने कहा वर्तमान में हमारे पड़ोस में एक माह से भीषण युद्ध चल रहा है| हमारे लाखों परिवारों के सगे-संबंधी इन देशों में रहते हैं, खासतौर पर खाड़ी देशों में काम करते हैं, उन्होंने आगे कहा कि मैं खाड़ी देश का बहुत आभारी हूं, वे ऐसे एक करोड़ से ज्यादा भारतीयों को वहां पर हर प्रकार की मदद दे रहे हैं।

दुनिया भर में पेट्रोल और डीजल को लेकर संकट

पीएम मोदी ने आगे कहा जिस क्षेत्र में अभी युद्ध चल रहा है, वह क्षेत्र हमारी ऊर्जा आवश्यकताओं का बड़ा केंद्र है। इसकी वजह से दुनिया भर में पेट्रोल और डीजल को लेकर संकट की स्थिति बनती जा रही है। हमारे वैश्विक संबंध, अलग-अलग देशों से मिल रहा सहयोग और पिछले एक दशक में देश का जो सामर्थ्य बना है, इनकी वजह से भारत इन परिस्थितियों का डटकर मुकाबला कर रहा है, उन्होंने कहा कि निश्चित तौर पर यह चुनौतीपूर्ण समय है, पीएम मोदी ने आगे कहा कि मैं आज 'मन की बात' के माध्यम से सभी देशवासियों से फिर यह आग्रह करूंगा कि हमें एकजुट होकर इस चुनौती से बाहर निकलना है। जो लोग इस विषय पर भी राजनीति कर रहे हैं, उन्हें राजनीति नहीं करनी चाहिए। यह देश के 140 करोड़ देशवासियों के हित से जुड़ा विषय है, इसमें स्वार्थ भरी राजनीति का कोई स्थान नहीं है। ऐसे में जो भी लोग अफवाह फैला रहे हैं, वे देश का बहुत बड़ा नुकसान कर रहे हैं।


पांडुलिपियों की जानकारी पर बोले पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा आज 'मन की बात' में एक ऐसे प्रयास के बारे में बताना चाहता हूं, जो देशवासियों को जनभागीदारी की भावना को दर्शाता है। ये प्रयास है - ज्ञान भारतम सर्वे, जिसका संबंध हमारी महान संस्कृति और समृद्ध विरासत से है। इसका उद्देश्य देशभर में मौजूद पांडुलिपियों यानि पांडुलिपियों के बारे में जानकारी जमा करना है। इस सर्वे से जुड़ने का एक माध्यम, ज्ञान भारतम ऐप है आपके पास अगर कोई पांडुलिपियों है, पांडुलिपि है, या उसके बारे में जानकारी है, तो उसकी फोटो 'ज्ञान भारतम एप' पर जरूर साझा करें। हर एंट्री से जुड़ी जानकारी को दर्ज करने से पहले उसकी पुष्टि भी की जा रही है।

जल संरक्षण पर भी दिया जोर

प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों से जल संरक्षण को लेकर जागरूक रहने की अपील की, उन्होंने कहा कि गर्मियों की शुरुआत हो चुकी है और यह समय जल संरक्षण के संकल्प को दोहराने का है। पीएम मोदी ने बताया कि पिछले 11 वर्षों में 'जल संचय अभियान' ने देशभर में लोगों को जल संरक्षण के महत्व के प्रति जागरूक किया है। इस अभियान के तहत करीब 50 लाख कृत्रिम जल संचयन संरचना बनाए गए हैं।

शुगर और तेल की मात्रा पर रखें नियंत्रण- पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से फिटनेस और स्वास्थ्य पर ध्यान देने का आग्रह किया, उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस अब 100 दिन से भी कम समय में आने वाला है और पूरी दुनिया में योग के प्रति आकर्षण लगातार बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री ने बताया कि अफ्रीका के जिबूती में अल्मिस जी अपने अरविंद योग सेंटर के माध्यम से योग को बढ़ावा दे रहे हैं। वे वहां के कई और स्थानों पर भी लोगों को योग सिखाते हैं और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाते हैं।

देश का युवा राष्ट्र निर्माण में करेगा नई क्रांति- पीएम

पीएम मोदी ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे युवा देश है, उन्होंने बताया कि जब देश के युवाओं की शक्ति राष्ट्र निर्माण में जुड़ती है, तो इससे देश को बहुत बड़ी मदद मिलती है। इस दिशा में MY Bharat संगठन युवा पीढ़ी को सकारात्मक गतिविधियों से जोड़कर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। प्रधानमंत्री ने MY Bharat द्वारा आयोजित Budget Quest का उदाहरण देते हुए कहा कि इसका उद्देश्य युवाओं को बजट प्रक्रिया और नीति निर्माण से जोड़ना था। इस क्विज़ में देशभर से लगभग 12 लाख युवाओं ने भाग लिया। इसके बाद करीब 1,60,000 प्रतिभागियों को निबंध प्रतियोगिता के लिए चुना गया। पीएम मोदी ने इनमें से कुछ निबंध पढ़ने का भी अनुभव साझा किया।

'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से साझा किया कि जब समाज स्वयं पहल करता है, तो छोटे-छोटे प्रयास भी बड़े बदलाव की नींव बन जाते हैं, उन्होंने बताया कि देश के विभिन्न हिस्सों में ऐसे कई प्रेरक उदाहरण सामने आ रहे हैं। मोदी ने हाल ही में उत्तर प्रदेश के वाराणसी में हुए एक प्रेरक प्रयास का जिक्र किया। वहां सिर्फ एक घंटे में 2 लाख 51 हजार से अधिक पौधे लगाए गए और इस प्रयास ने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड कायम किया।

 

 Written By Toshi Shah