PM Modi: मंगलवार को राज्यसभा में पीएम मोदी ने मिडिल ईस्ट में चल रही जंग पर भाषण दिया। इस दौरान उन्होंने पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष पर अपनी चिंता जाहिर किया। पीएम मोदी ने कहा कि हालात भारत के लिए चिंताजनक हैं और व्यापार के रास्ते प्रभावित हुए। उन्होंने कहा कि हमें सावधान, सतर्क और तैयार रहना है।

'युद्ध से पूरे विश्व में ऊर्जा संकट'

आगे पीएम मोदी ने कहा कि भारतीयों की सुरक्षा हमारी पहली प्राथमिकता है। भारत गल्फ के सभी देशों के साथ लगातार संपर्क में हैं। हमारा लक्ष्य डायलॉग और डिप्लोमेसी के माध्यम से क्षेत्र में शांति लाने का है। पीएम ने यह भी बताया कि इस युद्ध ने पूरे विश्व में गंभीर ऊर्जा संकट पैदा कर दिया है। जो भारत के लिए भी स्थिति चिंताजनक है। ऐसी परिस्थिति में आवश्यक है कि भारत की संसद के इस उच्च सदन से शांति और संवाद की एकजुट आवाज पूरे विश्व में जाए।

'हमारा लक्ष्य शांति की बहाली'

इसके साथ प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि युद्ध की शुरुआत के बाद से मैंने पश्चिम एशिया के ज्यादातर देशों के राष्ट्राध्यक्षों के साथ दो राउंड फोन पर बात की है। हम ईरान, इजराइल और अमेरिका के साथ भी संपर्क में हैं। हमारा लक्ष्य, डायलॉग और डिप्लोमेसी के माध्यम से क्षेत्र में शांति की बहाली का है।

'अंतर्राष्ट्रीय जलमार्ग में रुकावट बर्दाश्त नहीं'

उन्होंने कहा कि कमर्शियल जहाजों पर हमला और हॉर्मुज स्ट्रेट जैसे अंतर्राष्ट्रीय जलमार्ग में रुकावट हमे मंजूर नहीं है। और भारत ने नागरिकों पर, सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर पर, एनर्जी और ट्रांसपोर्ट से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों का भी विरोध किया है। भारत ने तो इस समस्या के समाधान के लिए संवाद का ही रास्ता सुझाया है।


'भारत के पास पर्याप्त मात्रा में क्रूड मौजूद'

पीएम मोदी ने कहा कि मैं सदन और देश को आश्वासन देना चाहता हूं कि भारत के पास क्रूड ऑयल के पर्याप्त स्टोरेज और निरंतर सप्लाई की व्यवस्थाएं हैं। हमारी कोशिश है कि ईंधन के किसी एक ही स्रोत पर निर्भरता न रहे। साथ ही सरकार घरेलू गैस सप्लाई में LPG के अलावा PNG पर भी बल दे रही है।

 Writen By: Geeta Sharma