बॉलीवुड अभिनेत्री और डांसर नोरा फतेही इन दिनों अपनी फिल्म 'KD: The Devil' के गाने ‘सरके चुनर’ को लेकर विवादों में घिरी हुई हैं। गाने के बोल और डांस मूव्स को लेकर सोशल मीडिया पर लगातार आलोचना हो रही थी। कई यूजर्स और सामाजिक संगठनों ने इस गाने को अश्लील बताते हुए महिलाओं की छवि को गलत तरीके से पेश करने का आरोप लगाया। बढ़ते विवाद के बीच 7 मई को नोरा फतेही जसोला स्थित NCW के दफ्तर पहुंचीं, जहां उन्होंने आयोग के सामने अपना पक्ष रखा।

मामले पर क्या बोली नोरा फतेही

NCW कार्यालय से बाहर निकलने के बाद नोरा ने मीडिया से बातचीत करते हुए सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। उन्होंने कहा, मैं माफी मांगती हूं, क्योंकि एक कलाकार के तौर पर मुझे जिम्मेदार होना चाहिए। किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का मेरा कोई इरादा नहीं था। उन्होंने अनाथ बच्चियों की शिक्षा का खर्च उठाने का फैसला किया है। उनके इस फैसले को सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं सामने आई। कुछ लोगों ने इसे सकारात्मक कदम बताया,जबकि कुछ ने इसे विवाद से ध्यान हटाने की कोशिश कहा।

यह मुद्दा संसद में भी उठा था

इससे पहले नोरा ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो जारी कर भी अपनी सफाई दी थी। उन्होंने कहा था कि कलाकारों का उद्देश्य मनोरंजन करना होता है,न कि किसी समुदाय या व्यक्ति की भावनाओं को ठेस पहुंचाना। हालांकि,विवाद बढ़ने के बाद मामला केवल सोशल मीडिया तक सीमित नहीं रहा। संसद में भी यह मुद्दा उठा,जिसके बाद सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में जानकारी दी कि विवाद और शिकायतों को देखते हुए गाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।

कब शुरू हुआ था विवाद?

यह विवाद मार्च 2026 में शुरू हुआ था, जब NCW ने गाने को लेकर संज्ञान लिया। आयोग ने नोरा फतेही के अलावा अभिनेता संजय दत्त, गीतकार रकीब आलम, निर्माता वेंकट के नारायण और निर्देशक किरण कुमार को भी समन जारी किया था। आयोग ने भारतीय न्याय संहिता, IT एक्ट और POCSO एक्ट के तहत गाने के बोल पर चिंता जताई थी। आयोग का कहना था कि गाने में महिलाओं को वस्तु की तरह प्रस्तुत किया गया है और इसके कुछ दृश्य बच्चों के लिए भी अनुचित हैं।

कई सामाजिक संगठनों ने गाने पर जताया था विरोध

गाने के रिलीज होते ही इंटरनेट पर इसके खिलाफ विरोध शुरू हो गया था। कई सामाजिक संगठनों और महिला अधिकार समूहों ने इसे फूहड़ और अश्लील बताते हुए कार्रवाई की मांग की। वहीं, कुछ लोगों का मानना था कि फिल्मों और गानों में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का सम्मान किया जाना चाहिए और कला को सेंसरशिप के दायरे में नहीं लाना चाहिए।

Written By: Geeta Sharma