iPhone और महंगे स्मार्टफोन खरीदने का ट्रेंड भारत में तेजी से बदल रहा है। अब ग्राहक बड़ी रकम एक साथ खर्च करने के बजाय EMI, क्रेडिट कार्ड और NBFC फाइनेंस का सहारा ले रहे हैं। इसी बीच एक रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि 2026 में देश में बिकने वाले 42 फीसदी स्मार्टफोन फाइनेंस के जरिए खरीदे गए हैं।
महंगा स्मार्टफोन खरीदना अब सिर्फ जरूरत का मामला नहीं रह गया है। कई लोगों के लिए यह स्टेटस और लाइफस्टाइल का हिस्सा बन चुका है। खासकर युवाओं के बीच महंगे फोन को लेकर बढ़ती पसंद ने EMI और आसान फाइनेंसिंग को भी तेजी से लोकप्रिय बनाया है।पहले महंगा फोन खरीदने के लिए लोग महीनों तक पैसे बचाते थे। अब कई फाइनेंस कंपनियां और क्रेडिट कार्ड कंपनियां ऐसी सुविधाएं देती हैं, जिनसे ग्राहक छोटी-छोटी मासिक किस्तों में फोन खरीद सकते हैं।
2026 में 42% स्मार्टफोन फाइनेंस पर बिकने का अनुमान
Counterpoint Research की जुलाई 2026 में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में स्मार्टफोन की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के कारण फाइनेंसिंग का इस्तेमाल बढ़ रहा है।रिपोर्ट का अनुमान है कि 2026 के अंत तक भारत में स्मार्टफोन की कुल बिक्री में फाइनेंसिंग की हिस्सेदारी 42 फीसदी तक पहुंच सकती है। इसमें EMI, क्रेडिट कार्ड और NBFC लोन जैसे विकल्प शामिल हैं।रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 की तुलना में यह हिस्सेदारी करीब 7 प्रतिशत अधिक हो सकती है। यानी महंगे स्मार्टफोन खरीदने के लिए ग्राहक पहले की तुलना में ज्यादा उधारी या किस्त वाले विकल्पों पर निर्भर हो रहे हैं।
महंगे फोन की मांग बढ़ी, सस्ते स्मार्टफोन पीछे
स्मार्टफोन बाजार में एक और बदलाव देखने को मिल रहा है। CyberMedia Research की Q2 2026 रिपोर्ट के अनुसार, भारत के कुल स्मार्टफोन बाजार में गिरावट के बावजूद सुपर-प्रीमियम सेगमेंट में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई।50 हजार से 1 लाख रुपये की कीमत वाले फोन की बिक्री में 72 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई। इसके उलट कम कीमत वाले स्मार्टफोन सेगमेंट में गिरावट देखने को मिली।इससे संकेत मिलता है कि ग्राहक संख्या भले कम हो रही हो, लेकिन एक वर्ग अब भी महंगे और प्रीमियम फोन पर ज्यादा खर्च करने को तैयार है।
iPhone खरीदने के लिए EMI का बढ़ रहा इस्तेमाल
महंगे फोन की कीमत कई लोगों के मासिक बजट से बाहर हो सकती है। ऐसे में EMI उन्हें एक साथ बड़ी रकम खर्च करने से बचाती है।उदाहरण के लिए, अगर किसी फोन की कीमत 80 हजार रुपये है तो ग्राहक को पूरी रकम तुरंत नहीं देनी पड़ती। डाउन पेमेंट और उपलब्ध फाइनेंस विकल्पों के आधार पर उसे कई महीनों तक किस्त चुकाने का विकल्प मिल जाता है।यही सुविधा महंगे फोन को उन ग्राहकों तक भी पहुंचा रही है, जो शायद एकमुश्त भुगतान करके इसे खरीदने की स्थिति में नहीं होते।
छोटे शहरों में भी बढ़ी महंगे फोन की मांग
महंगे स्मार्टफोन की मांग अब केवल बड़े महानगरों तक सीमित नहीं है। लखनऊ, भोपाल और जयपुर जैसे शहरों के अलावा छोटे शहरों में भी प्रीमियम फोन की बिक्री बढ़ने की रिपोर्ट सामने आई है।इस बदलाव के पीछे ऑनलाइन शॉपिंग, आसान फाइनेंसिंग, बैंक ऑफर्स और Zero Cost EMI जैसे विकल्पों की भूमिका मानी जाती है।
आसान EMI कहीं बजट पर भारी न पड़ जाए
EMI की सुविधा अपने आप में गलत नहीं है। अगर ग्राहक अपनी आमदनी और जरूरी खर्चों को ध्यान में रखकर किस्त चुनता है, तो यह महंगा सामान खरीदने का सुविधाजनक तरीका हो सकता है।समस्या तब शुरू होती है जब सिर्फ ब्रांड या स्टेटस के लिए व्यक्ति अपनी भुगतान क्षमता से ज्यादा बड़ा लोन ले लेता है।मासिक किस्त छोटी दिखाई देती है, लेकिन कई महीनों तक चलने वाली EMI कुल बजट पर दबाव डाल सकती है। इसके साथ क्रेडिट कार्ड का ब्याज, लेट फीस और दूसरी शर्तों को भी समझना जरूरी है।
iPhone की चाहत से जुड़े सामने आए कई मामले
महंगे iPhone को लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों से कई ऐसे मामले भी सामने आ चुके हैं, जिनमें फोन खरीदने की चाहत विवाद या गंभीर अपराध की वजह बनी।2024 में लखनऊ में एक डिलीवरी एजेंट की हत्या का मामला सामने आया था। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने COD के जरिए मंगाए गए iPhone की रकम नहीं चुकाने के लिए कथित तौर पर हत्या की थी।दिल्ली में भी एक नाबालिग द्वारा गर्लफ्रेंड को iPhone देने के लिए घर से गहने चोरी करने का मामला सामने आया था।