INS Aridhaman: 3 अप्रैल शुक्रवार को तीसरी परमाणु बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बी INS अरिदमन (S4)को भारतीय नौसेना में शामिल कर लिया गया है। विशाखापत्तनम में आयोजित एक समारोह में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, CDS जनरल अनिल चौहान, नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी और नौसेना के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। विशाखापट्टनम में आयोजित कमीशनिंग समारोह गोपनीय रखा गया, लेकिन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसका संकेत देते हुए लिखा,'यह शब्द नहीं, बल्कि शक्ति है अरिदमन!'
भारत की स्वदेशी न्यूक्लियर सबमरीन INS अरिदमन आज भारतीय नौसेना में शामिल होने के लिए तैयार है।
— ANI_HindiNews (@AHindinews) April 3, 2026
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ट्वीट किया, "शब्द नहीं शक्ति है, 'अरिदमन'!" pic.twitter.com/L9yhB3zrr8
INS अरिदमन का महत्व
आईएनएस अरिदमन के नौसेना में शामिल होने से भारत की परमाणु ताकत और बढ़ गई है। आपको बता दें, भारत के पास 3 ऑपरेशनल SSBN हैं, जो समुद्र में लगातार तैनाती करने में मदद करेंगे। यह पनडुब्बी भारत की सेकंड स्ट्राइक क्षमता को और मजबूत करेगी, इसका मतलब किसी भी परमाणु हमले की स्थिति में भारत समुद्र से जवाब देने में सक्षम रहेगा।
भारत की समुद्री ताकत होगी मजूबत
आईएनएस अरिदमन का शामिल होना भारत की स्वदेशी रक्षा क्षमता और रणनीतिक ताकत का संकेत माना जा रहा है। इससे हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की पकड़ और भी मजबूत होगीं, साथ ही क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखने में मदद मिलेगी।
INS तारागिरी स्वदेशी युद्धपोत है
सबसे खास बात की यह युद्धपोत मेड इन इंडिया प्रोजेक्ट के तहत तैयार किया गया है। यह 6,670 टन का 'मेक इन इंडिया' की स्वदेशी शिपयार्ड की इंजीनियरिंग क्षमताओं का प्रतीक है। अधिकारियों ने बताया कि 75 % से अधिक स्वदेशी सामग्री से बना यह युद्धपोत घरेलू औद्योगिक तंत्र की परिपक्वता को दर्शाता है।
राजनाथ सिंह ने की नेवी की तारीफ
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि अत्याधुनिक युद्धपोत 'तारागिरी' को नौसेना में शामिल किया जा रहा है। जो भारत की बढ़ती समुद्री शक्ति का प्रतीक है। आगे उन्होंने कहा कि इस अवसर पर मैं मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड और भारतीय नौसेना सहित सभी देशवासियों को बधाई देता हूं। हमारा देश अपने विकास को समुद्र से अलग करके नहीं देख सकता। हमारा लगभग 95 प्रतिशत व्यापार समुद्री मार्गों से होता है। इससे साफ है कि एक मजबूत और सक्षम नौसेना हमारे लिए कोई विकल्प नहीं बल्कि एक ज़रूरत है।
#WATCH | Visakhapatnam, Andhra Pradesh | Defence Minister Rajnath Singh says, "Today, state-of-the-art warship, ‘Taragiri’, is being commissioned into the Indian Navy. The commissioning of Taragiri is a symbol of India's growing maritime power. On this occasion, I congratulate… pic.twitter.com/BUGAYGcsXr
— ANI (@ANI) April 3, 2026
MDL ने 28 नवंबर को नौसेना को सौंपा था
गौरतलब है कि नीलगिरी श्रेणी (प्रोजेक्ट 17ए) का चौथा जहाज और मझगांव डॉक शिपबिल्डिंग लिमिटेड (एमडीएल) द्वारा निर्मित तीसरा जहाज 'तारागिरी' पिछले साल 28 नवंबर को एमडीएल, मुंबई में नौसेना को सौंप दिया गया था। कहा जा रहा कि तारागिरी डीजल या गैस द्वारा संचालित किया जा सकेगा। यह युद्धपोत का हथियार भंडार विश्व स्तरीय है।
Writen By: Geeta Sharma