राजेश खन्ना (Rajesh Khanna) के निधन के बाद उनकी लिव-इन पार्टनर अनीता आडवाणी (Anita Advani) ने कई सालों तक यह कोशिश की कि उन्हें कानूनी तौर पर राजेश की पत्नी का दर्जा मिले। हालांकि, अब उनकी यह लंबी कानूनी लड़ाई एक बड़े झटके के साथ खत्म हो गई है। मुंबई हाईकोर्ट ने अनीता की अपील को खारिज कर दिया है।

अनीता को लगा बड़ा झटका

अनीता आडवाणी ने कई सालों तक राजेश खन्ना के साथ जीवन बिताया और उनकी देखभाल की। अनीता का दावा था कि उन्होंने राजेश के लिए करवाचौथ का व्रत भी रखा। ऐसे में एक्टर के निधन के बाद उन्होंने कोर्ट में अपील की थी कि उन्हें कानूनी रूप से उनकी पत्नी माना जाए। यह याचिका जस्टिस शर्मिला देशमुख की बेंच ने 1 अप्रैल को सुनवाई के बाद खारिज कर दी। अनीता ने पहले निचली अदालत, यानी डिंडोशी सिविल कोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी थी, जिसमें उनका केस तकनीकी कारणों से रद्द कर दिया गया था।

डिंपल कपाड़िया को मिली राहत

अनीता की अपील के खिलाफ डिंपल कपाड़िया (Dimple Kapadia), अक्षय कुमार (Akshay Kumar) और ट्विंकल खन्ना (Twinkle Khanna) ने भी अपनी चुनौती पेश की थी। हाईकोर्ट के फैसले के बाद डिंपल कपाड़िया और उनके परिवार को लंबी कानूनी लड़ाई से राहत मिली है। यह मामला 2017 से चल रहा था और अब पूरी तरह से समाप्त हो गया है।

राजेश-डिंपल का रिश्ता और अनीता की कहानी

राजेश खन्ना और डिंपल कपाड़िया की शादी 1972 में हुई थी। इस शादी से उनकी दो बेटियां, ट्विंकल और रिंकी खन्ना हुईं। हालांकि, 1980 में डिंपल अपनी बेटियों के साथ घर छोड़कर चली गईं, लेकिन दोनों ने तलाक नहीं लिया। इसके बाद राजेश खन्ना ने अनीता आडवाणी के साथ संबंध बनाए, और अनीता उनके घर में रहकर उनकी देखभाल करती रहीं।

 Written By Toshi Shah