ईडी (ED) ने नेशनल स्पॉट एक्सचेंज लिमिटेड (NSEL) घोटाले में एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 19.12 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियों को अटैच किया है। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत की गई है, जिसकी शुरुआत मुंबई के एम.आर.ए. मार्ग पुलिस स्टेशन में दर्ज FIR के आधार पर हुई थी। इस मामले की जांच फिलहाल मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) द्वारा भी की जा रही है।

जांच में सामने आया ठगी का बड़ा खेल

जांच में सामने आया है कि NSEL, उसके निदेशकों, वरिष्ठ अधिकारियों और 25 डिफॉल्टिंग सदस्यों ने मिलकर बड़े पैमाने पर निवेशकों के साथ धोखाधड़ी की। आरोप है कि इन लोगों ने बिना वास्तविक स्टॉक के ही कमोडिटी ट्रेडिंग करवाई। कागजों पर फर्जी दस्तावेज के जरिए करीब 13,000 निवेशकों से लगभग 5600 करोड़ रुपये की ठगी की गई।

धान की फर्जी बिक्री दिखाकर करोड़ों रुपये जुटाए

इस घोटाले में LOIL ग्रुप की तीन कंपनियां—LOIL ओवरसीज फूड्स, LOIL कॉन्टिनेंटल फूड्स और LOIL हेल्थ फूड्स का नाम भी सामने आया है। जांच के अनुसार, इन कंपनियों ने NSEL प्लेटफॉर्म पर धान की फर्जी बिक्री दिखाकर करोड़ों रुपये जुटाए। इन पर करीब 720 करोड़ रुपये की देनदारी पाई गई, जिसमें से लगभग 569 करोड़ रुपये को विभिन्न खातों के जरिए ट्रांसफर कर दिया गया।

शेल कंपनियों के जरिए करोड़ों की हेराफेरी

ED की जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि इस राशि को कई शेल कंपनियों के माध्यम से घुमाकर बैंक लोन चुकाने, व्यवसाय चलाने और अचल संपत्तियां खरीदने में इस्तेमाल किया गया। यह पूरा मामला मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर आरोपों को दर्शाता है।

34 बार संपत्तियां अटैच कर चुकी है ED

अब तक ED इस मामले में 34 बार संपत्तियां अटैच कर चुकी है, जिनकी कुल कीमत करीब 3452 करोड़ रुपये आंकी गई है। साथ ही, एजेंसी ने 148 आरोपियों के खिलाफ 7 चार्जशीट भी दाखिल की हैं, जिन पर अदालत ने संज्ञान ले लिया है। मामले की जांच अभी जारी है और आने वाले समय में और बड़े खुलासों की संभावना जताई जा रही है।

मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी ने की कार्रवाई

इसी बीच, ED की मुंबई यूनिट ने एक अन्य मनी लॉन्ड्रिंग मामले में भी कार्रवाई करते हुए 25 मार्च को करीब 41.70 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच कीं। ये संपत्तियां मुंबई के गोरेगांव स्थित गोरगांव पर्ल CHS प्रोजेक्ट से जुड़ी हैं, जिसमें रिहायशी फ्लैट, कमर्शियल दुकानें और ऑफिस स्पेस शामिल हैं। यह प्रोजेक्ट M/s साई सिद्धि डेवलपर्स द्वारा विकसित किया जा रहा था।

 Writen By: Geeta Sharma