आजकल बड़ी संख्या में लोग नींद न आने की समस्या से जूझ रहे हैं। देर रात तक जागना, रात में बार-बार आंख खुलना और सुबह उठने के बाद भी थकान महसूस होना अब आम समस्या बन चुकी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, बदलती जीवनशैली और मोबाइल फोन का बढ़ता इस्तेमाल इसके पीछे सबसे बड़ी वजहों में शामिल है। हालांकि, रोजमर्रा की कुछ आसान आदतों में बदलाव करके अच्छी और गहरी नींद पाई जा सकती है।

विशेषज्ञों ने कही ये बात

नींद विशेषज्ञों का कहना है कि सोने से पहले दिमाग को शांत करना बेहद जरूरी होता है। इसके लिए सलाह दी जाती है कि बिस्तर पर जाने से कम से कम 30 मिनट पहले मोबाइल, लैपटॉप और टीवी जैसी स्क्रीन से दूरी बना लें। इन डिवाइसों से निकलने वाली ब्लू लाइट दिमाग को सक्रिय बनाए रखती है, जिससे जल्दी नींद नहीं आती।

5 से 10 मिनट तक लें गहरी सांस

विशेषज्ञों के मुताबिक, सोने से पहले 5 से 10 मिनट तक गहरी सांस लेने की एक्सरसाइज करना काफी लाभकारी हो सकता है। इससे शरीर और दिमाग दोनों को आराम मिलता है। कई डॉक्टर इसे प्राकृतिक तरीके से नींद लाने वाली प्रभावी थेरेपी भी मानते हैं।

शाम के चाय या कॉफी का ना करें सेवन

हेल्थ एक्सपर्ट्स यह भी बताते हैं कि शाम के बाद ज्यादा चाय या कॉफी पीने से नींद पर बुरा असर पड़ सकता है। इनमें मौजूद कैफीन लंबे समय तक दिमाग को एक्टिव रखता है, जिससे रात में नींद आने में परेशानी होती है। इसलिए रात के समय हल्का और संतुलित भोजन करने की सलाह दी जाती है।

कमरे का रखें अच्छा वातावरण

कमरे का वातावरण भी अच्छी नींद के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। अगर कमरे में ज्यादा रोशनी या शोर हो तो दिमाग पूरी तरह रिलैक्स नहीं हो पाता। इसलिए सोते समय हल्की रोशनी और शांत माहौल बनाए रखना बेहतर होता है। इससे शरीर जल्दी आराम की स्थिति में पहुंच जाता है।

डॉक्टरों ने दी ये राय

डॉक्टरों का कहना है कि रोजाना एक तय समय पर सोना और जागना शरीर की बॉडी क्लॉक को संतुलित रखने में मदद करता है। अलग-अलग समय पर सोने से नींद का पैटर्न बिगड़ सकता है। अच्छी नींद न केवल थकान दूर करती है, बल्कि मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाए रखने में अहम भूमिका निभाती है।

Written By Toshi Shah