भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत शुक्रवार को अपनी पहली आधिकारिक यात्रा पर लद्दाख पहुंचे। केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद किसी भी वर्तमान सीजेआई का यह पहला दौरा है। लेह में उनके आगमन पर उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना और जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश अरुण पल्ली ने उनका औपचारिक स्वागत किया। एयरफोर्स स्टेशन पर उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर भी प्रदान किया गया।

जिला न्यायालय भवनों का करेंगे उद्घाटन

न्यायमूर्ति सूर्यकांत 28 और 29 मार्च को लेह और कारगिल में नव-निर्मित जिला न्यायालय भवनों का उद्घाटन करेंगे। इसके साथ ही लद्दाख विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यालय की भी शुरुआत की जाएगी। इन पहलों से क्षेत्र में आधुनिक न्यायिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी और लोगों की न्याय तक पहुंच बेहतर होने की उम्मीद है।

सीमावर्ती क्षेत्रों में भी दौरा करेंगे सीजेआई

अधिकारियों के मुताबिक, सीजेआई सीमावर्ती क्षेत्रों का भी दौरा करेंगे और वहां तैनात सैनिकों से संवाद करेंगे। यह पहल जुलाई 2025 में श्रीनगर में आयोजित उत्तर क्षेत्र सम्मेलन में लिए गए निर्णयों को आगे बढ़ाने की दिशा में है, जिसमें रक्षा कर्मियों और जनजातीय समुदायों को संवैधानिक न्याय दिलाने पर जोर दिया गया था।

प्रशासन ने कही ये बात

इस दौरे को लद्दाख जैसे दूरस्थ और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्र में न्यायिक व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। प्रशासन ने बताया कि यह यात्रा कठिन भौगोलिक परिस्थितियों वाले क्षेत्रों में न्याय प्रणाली को सशक्त बनाने और समावेशी न्याय सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

मेगा कानूनी सेवा शिविर कार्यक्रम भी होगा आयोजित

इसके अलावा, इस दौरान एक मेगा कानूनी सेवा शिविर और जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा, ताकि स्थानीय लोगों को उनके कानूनी अधिकारों के बारे में जानकारी दी जा सके और उन्हें न्यायिक सेवाओं का लाभ मिल सके।

 Written By Toshi Shah