Nirav Modi:  भगोड़े कारोबारी नीरव मोदी को लंदन हाई कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। 25 मार्च बुधवार को भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उसने भारत में प्रत्यर्पण के खिलाफ मामले को फिर से खोलने की मांग की थी।

लंबे समय से लंदन की जेल में बंद है नीरव मोदी

भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी 13,000 करोड़ रुपये के पंजाब नेशनल बैंक घोटाले में मुख्य आरोपी है। बता दें, नीरव मोदी 19 मार्च 2019 से लंदन की जेल में बंद है। वहीं मोदी ने किंग्स बेंच डिवीजन के हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी।

जांच के लिए लंदन गई थी CBI

वहीं क्राउन प्रासिक्यूशन सर्विस के वकील ने CBI की टीम की सहायता से उनकी याचिका के खिलाफ मजबूत तर्क पेश किए। साथ ही CBI के जांच अधिकारियों समेत एक टीम सुनवाई के लिए लंदन गई थी। हालांकि हाई कोर्ट ने अपने निर्णय में कहा कि इस मामले से जुड़ी परिस्थितियां इतनी असाधारण नहीं हैं कि इस पर फिर से विचार किया जाए। और इस मामले खोला जाए।

CBI प्रवक्ता ने क्या कहा?

CBI प्रवक्ता ने यहां जारी एक बयान में कहा-''यह पुनर्विचार याचिका हथियार व्यापारी संजय भंडारी के मामले में आए फैसले के आधार पर दायर की गई थी। अब सीबीआइ के निरंतर प्रयासों से इस चुनौती को सफलतापूर्वक पार कर लिया गया।''

2018 से CBI नीरव मोदी के प्रत्यर्पण की मांग कर रही है

गौरतलब है कि सीबीआई PNB घोटाले में 2018 से नीरव मोदी के प्रत्यर्पण की मांग कर रही है। कहा जा रहा कि नीरव मोदी भगोड़ा आर्थिक अपराधी है। जिसने भारत में अपने चाचा मेहुल चौकसी के साथ मिलकर पीएनबी को कई हजार करोड़ का धोखा देने के मामले में मुकदमें का सामना कर रहा है।

 Writen By: Geeta Sharma