हिंदी सिनेमा की जीनत अमान उन चुनिंदा शख्सियतों में से हैं, जिन्होंने अपनी अलग सोच और आत्मविश्वासी अंदाज से न सिर्फ अपने दौर में, बल्कि आज भी लोगों को प्रभावित किया है। सोशल मीडिया पर वह अपनी जिंदगी के अनुभव, विचार और खुलकर राय साझा करती रहती हैं, जिससे युवा पीढ़ी के साथ भी उनका मजबूत जुड़ाव बना हुआ है। इसके बावजूद उनकी निजी जिंदगी हमेशा सुर्खियों में रही और उतार-चढ़ाव से भरी रही।
सबसे अगल किया था रोल
70 के दशक का समय ऐसा था जब समाज काफी परंपरागत सोच में बंधा हुआ था, लेकिन जीनत अमान ने फिल्मों में ऐसे किरदार निभाए जो रूढ़ियों को चुनौती देने वाले थे, उन्होंने पर्दे पर मजबूत और स्वतंत्र सोच वाली महिलाओं को जीवंत किया। हालांकि, उनकी प्रोफेशनल सफलता के विपरीत निजी जीवन में उन्हें कई कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा।
एक्ट्रेस ने पुराने दर्द को किया याद
1978 में जीनत अमान का रिश्ता एक्टर संजय खान से जुड़ा और बाद में दोनों ने शादी कर ली। यह रिश्ता ज्यादा समय तक स्थिर नहीं रह सका और इसके साथ कई विवाद भी जुड़े रहे। उस समय यह भी कहा गया कि संजय खान पहले से शादीशुदा थे और उनके बच्चे थे। इसी दौरान दोनों के रिश्ते में तनाव और हिंसा से जुड़े दावे भी सामने आए। एक घटना का जिक्र मुंबई के एक होटल से जोड़ा जाता है, जहां जीनत अमान को गंभीर चोट लगने और उनकी आंख पर चोट पड़ने की बात कही जाती है। वर्षों बाद एक इंटरव्यू में जीनत ने उस दौर को याद करते हुए कहा था कि इतने दर्दनाक अनुभव को दिमाग अक्सर खुद ही कहीं गहराई में दबा देता है, ताकि इंसान आगे बढ़ सके। हालांकि, संजय खान ने इन सभी आरोपों को स्वीकार नहीं किया और उनका कहना था कि जीनत की आंख की समस्या पहले से मौजूद एक मेडिकल स्थिति का नतीजा थी। उनका यह रिश्ता भी लंबे समय तक नहीं चल पाया और जल्द ही खत्म हो गया।
दूसरी शादी में भी आई अड़चन
इसके बाद जीनत अमान ने 1985 में अभिनेता मजहर खान से विवाह किया, लेकिन यह रिश्ता भी चुनौतियों से भरा रहा। शुरुआती दिनों को याद करते हुए जीनत ने बताया था कि उस समय वह प्रेग्नेंट थीं और उनके पति उनके साथ मौजूद नहीं थे। इसी दौरान मीडिया में उनके रिश्ते से जुड़ी कई खबरें भी प्रकाशित हुईं, जिनमें मजहर खान के किसी अन्य महिला के साथ संबंधों की चर्चाएं शामिल थीं। जीनत ने बाद में यह स्वीकार किया कि उन खबरों में सच्चाई थी।
एक्ट्रेस ने बेटे को दिया जन्म
एक्ट्रेस ने बताया कि जैसे ही उनके बेटे का जन्म हुआ, वो उस रिश्ते से बाहर निकलना चाहती थीं और इस बारे में बातचीत भी हुई थी, लेकिन उन्होंने ये भी महसूस किया कि उनके बच्चे को एक मौका मिलना चाहिए, इसलिए उन्होंने रुकने का फैसला किया। जब मजहर खान गंभीर रूप से बीमार हुए, तो जीनत ने पूरी लगन से उनकी देखभाल की। मुंबई के कई अस्पतालों के चक्कर लगाए, इंजेक्शन देना सीखा और हर मुश्किल स्थिति में उनके साथ खड़ी रहीं। मगर मजहर खान के निधन के बाद उनकी जिंदगी और कठिन हो गई. परिवार से सपोर्ट न मिलने के कारण उन्हें अकेले अपने बच्चों के साथ रहना पड़ा और जीवन चलाने के लिए छोटे-मोटे काम भी करने पड़े।
Written By Toshi Shah