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तनाव बना ‘साइलेंट किलर’... युवाओं में बढ़ता हाई ब्लड प्रेशर का खतरा, जानें इसके पीछे की वजह
जब इंसान तनाव महसूस करता है, तो शरीर कोर्टिसोल हार्मोन रिलीज करता है। इससे हार्ट की धड़कन तेज होती है और ब्लड वेसल्स सिकुड़ने लगती हैं, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है।
आज की तेज़-रफ्तार जिंदगी में तनाव अब इतना सामान्य हो गया है कि लोग इसे रोज़मर्रा का हिस्सा मानने लगे हैं। पहले हाई ब्लड प्रेशर को उम्र से जुड़ी समस्या समझा जाता था, लेकिन अब यह 20–30 साल के युवाओं, नौकरीपेशा लोगों, छात्रों और व्यस्त जीवन जीने वाले माता-पिता में भी तेजी से बढ़ रहा है। बाहर से स्वस्थ दिखने वाले लोग भी भीतर ही भीतर तनाव के असर से जूझ रहे हैं, जिसका सबसे ज्यादा प्रभाव दिल और रक्तचाप पर पड़ता है।
अमेरिका के CDC ने बताई ये वजह
अमेरिका के CDC (Centers for Disease Control and Prevention) के अनुसार हाई ब्लड प्रेशर अक्सर बिना किसी स्पष्ट संकेत के धीरे-धीरे शरीर को नुकसान पहुंचाता है। वहीं NIH (National Institutes of Health) बताता है कि तनाव के समय शरीर “फाइट या फ्लाइट” स्थिति में चला जाता है, जिससे दिल की धड़कन और ब्लड प्रेशर दोनों बढ़ जाते हैं।
विशेषज्ञों ने कही ये बात
विशेषज्ञों के अनुसार जब व्यक्ति तनाव में होता है तो शरीर कोर्टिसोल हार्मोन छोड़ता है। इससे दिल की धड़कन तेज हो जाती है और रक्त वाहिकाएं सिकुड़ने लगती हैं, जिसके कारण ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है। शरीर मानसिक और शारीरिक तनाव में अंतर नहीं कर पाता, इसलिए वह किसी खतरे जैसी ही प्रतिक्रिया देता है। समस्या तब गंभीर हो जाती है जब तनाव कुछ समय का न होकर लगातार बना रहता है। देर तक काम करना, मोबाइल-लैपटॉप का अधिक उपयोग, ट्रैफिक, आर्थिक दबाव और व्यक्तिगत समस्याएं दिमाग को लगातार सक्रिय अवस्था में रखती हैं। शोध बताते हैं कि लंबे समय तक तनाव रहने से स्थायी हाई ब्लड प्रेशर का खतरा बढ़ सकता है।
तनाव से नींद पर पड़ता है असर
तनाव का नींद पर भी गहरा असर पड़ता है। सामान्य स्थिति में नींद के दौरान ब्लड प्रेशर कम होता है और शरीर को आराम मिलता है, लेकिन तनाव इस प्रक्रिया को बाधित कर देता है। देर रात स्क्रीन देखने से मेलाटोनिन हार्मोन कम बनता है, जिससे नींद की गुणवत्ता खराब हो जाती है। इसके अलावा तनाव जीवनशैली को भी प्रभावित करता है। लोग व्यायाम कम कर देते हैं, अस्वस्थ भोजन लेने लगते हैं और धूम्रपान या शराब जैसी आदतों की ओर बढ़ सकते हैं, जिससे हाई ब्लड प्रेशर का जोखिम और बढ़ जाता है। सबसे चिंता की बात यह है कि यह समस्या धीरे-धीरे बढ़ती है और अक्सर तब सामने आती है जब शरीर पर असर गंभीर हो चुका होता है।
डॉक्टरर्स ने कही ये बात
आज डॉक्टर तनाव को केवल मानसिक समस्या नहीं, बल्कि दिल की सेहत के लिए एक बड़ा खतरा मानते हैं। नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद, स्क्रीन टाइम कम करना और संतुलित जीवनशैली अपनाना ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में मदद कर सकता है। समय रहते तनाव के प्रभाव को समझना और उसे नियंत्रित करना बेहद जरूरी है।
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