कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर की गई विवादित टिप्पणी के बाद बीजेपी ने सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को देशभर में विरोध प्रदर्शन किया। इस बीच राजनीतिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव ने प्रदर्शन को लेकर सवाल उठाए हैं, उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर पूछा कि क्या बीजेपी ने प्रदर्शन करने के लिए 10 दिन पहले अनुमति मांगी थी और क्या दिल्ली पुलिस ने देर से आवेदन देने के कारण इसे खारिज कर दिया था।

कई राज्यों में बीजेपी का विरोध प्रदर्शन

खरगे के बयान के विरोध में बीजेपी ने देश के अलग-अलग राज्यों में पार्टी कार्यालयों के बाहर प्रदर्शन किया। दिल्ली के अलावा उत्तर प्रदेश, बिहार और कर्नाटक समेत कई राज्यों में पार्टी कार्यकर्ताओं ने विरोध जताया। कुछ जगहों पर खरगे के पुतले भी जलाए गए।

बीजेपी ने खरगे की टिप्पणी को अनुचित बताते हुए कांग्रेस अध्यक्ष से इस्तीफे की मांग की है। पार्टी का कहना है कि प्रधानमंत्री के लिए इस तरह की भाषा का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।

प्रह्लाद जोशी ने कांग्रेस पर साधा निशाना

केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने भी खरगे के बयान की आलोचना की, उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के व्यवहार को लेकर बीजेपी पहले से सवाल उठाती रही है, लेकिन अब कांग्रेस के दूसरे वरिष्ठ नेता भी उसी तरह की भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं। जोशी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेता निराशा में ऐसी बातें कह रहे हैं, जिनसे भारतीय संस्कृति और मर्यादा को ठेस पहुंचती है, उन्होंने खरगे की टिप्पणी को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा।

आखिर खरगे ने क्या कहा था?

बता दें कि बिहार की राजधानी पटना में राज्य के पहले मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह की जयंती पर आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर चर्चा हो रही थी। इसी दौरान एक व्यक्ति ने कहा कि प्रधानमंत्री कहीं नहीं जाएंगे। इस पर खरगे ने जवाब देते हुए कहा, "मोदी का बाप भी जाएगा।" उनके इस बयान के बाद राजनीतिक विवाद शुरू हो गया और बीजेपी ने इसे मुद्दा बनाते हुए कांग्रेस अध्यक्ष से माफी और इस्तीफे की मांग की।