Israel Election: एक तरफ विश्व के पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव और संघर्षों का दौर चल रहा है। तो दूसरी तरफ युद्ध की स्थिति के साये में इजरायल में आज आम चुनाव होने वाले हैं। इजरायल की जनता क्या आज नेतन्याहू के भविष्य का फैसला करेगी? जी हां आज इजरायल में आम चुनाव के दौरान नेतन्याहू के लिए बड़ी परीक्षा का दिन साबित होने वाला है। नेतन्याहू की पार्टी लिकुड को पूर्व इजरायली सैन्य प्रमुख गादी ईसेनकोट की याशार पार्टी से कांटे की मिलने की आशंका जताई जा रही है। लिहाजा सवाल यही उठता है कि इजरायली आम चुनाव इस बार नेतन्याहू के लिए खास होगा या नहीं?

देश का यह छठा चुनाव

साल 2019 के बाद देश का यह छठा चुनाव है। जो राजनीतिक अस्थिरता का उदाहरण भी पेश करता है। साल 2023 के अक्तूबर महीने में हमले के बाद गाजा लेबनान और ईरान मोर्चे पर हालात बदलते ही प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के राजनीतिक भविष्य पर विश्व की नजरें बनी हुई हैं और हो भी क्यों न इजरायल में होने वाले आज के चुनाव नेतन्याहू के लिए किसी परीक्षा के कम थोड़ी हैं। दरअसल हमास हमले के 3 साल बाद यह आम चुनाव हो रहे है। चुनाव की सुरक्षा, राजनीतिक जवाबदेही और उपलब्धियों के साथ देश में भविष्य व शांति को लेकर बहस छिड़ी है।

70 लाख से ज्यादा मतदाता वोटिंग करेंगे

ओपिनियन पोल में जो दावे किए गए हैं। उसे देखने के बाद नेतन्याहू की पार्टी लिकुड़ को पूर्व इजरायली सैन्य प्रमुख गादी ईसेनकोट की याशार पार्टी ने कांटे की टक्कर दे रखी है। नेतन्याहू ने सोमवाह को अपना चुनावी प्रचार खत्म कर दावा किया कि विपक्षी पार्टी अगर चुनाव जीत जाती है, तो इजरायल को ईरान के हाथों पूरी तरह खत्म होने का खतरा हो सकता है। इजरायल में आम चुनाव के दौरान करीब 70 लाख से ज्यादा मतदाता वोटिंग करेंगे। इजरायल की संसद में कुल 120 सीटें हैं। बहुमत के आंकड़े की बात करें तो यह 61 है। ओपिनियन पोल में नेतन्याहू को सीधे टक्कर मिलने वाली है।

प्रमुख उम्मीदवार

पीएम नेतन्याहू इजरायल के प्रमुख और पुरानी दक्षिणपंथी पार्टी लिकुड का सबसे बड़ा चेहरा हैं। नेतन्याहू मजबूत सुरक्षा नीति, मुक्त बाजार अर्थव्यवस्था और वेस्ट बैंक में यहूदी बस्तियों के समर्थन पर जोर देती है।

गादी आइसेनकोट पूर्व सैन्य प्रमुख हैं, आगे यशार नामक की नई केंद्रवादी पार्टी का नेतृत्व कर रहे हैं। यही हैं जो नेतन्याहू को इन चुनावों में कांटे की टक्कर दे सकते हैं।

नफताली बैनेट और यार लापिद पूर्व प्रधानमंत्री नफताली बैनेट और यायर लापिद ने देश में स्थिरता लाने और राजनीतिक ध्रुवीकरण को खत्म करने के लिए हाथ मिलाया है।

अविग्दोर लिबरमैन इजरायल बेइतेनु पार्टी के नेता और पूर्व रक्षा मंत्री हैं, जो नेतन्याहू के पुराने सहयोगी रहे हैं। लेकिन अब उनके कड़े आलोचकों में गिने जाते हैं।

मुख्य मुद्दे

सुरक्षा और संघर्ष

नेतन्याहू ने जनता से जो वादे किए हैं। उसके बावजूद हमास और हिजबुल्लाह सक्रिय बने रहे।

महंगाई और रक्षा बजट

बढ़ती महंगाई, कम वेतन और बढ़े रक्षा बजट के कारण वित्तीय दबाव।

यहूदियों की अनिवार्य सैन्य भर्ती

समाज और सियासी दलों के बीच गहरी दरारें देखी जा रही हैं।

वोट डालने का अधिकार

1. यहूदी इजरायली

2. फिलिस्तीन, जो इजरायल के नागरिक हो

3. वेस्ट बैंक और पूर्वी येरुशलम में रह रहे इजरायली को वोट डालने का अधिकार है।


कौन नहीं कर सकता वोटिंग

जो इजरायली नागरिक चुनाव के दिन देश से बाहर होते हैं, वे मतदान नहीं कर सकते (सिवाय विदेशी मिशनों/ राजनयिकों के, जो पहले ही मतदान कर चुके होते हैं।)

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