चंडीगढ़: चंडीगढ़ पुलिस ने नशे के खिलाफ अभियान तेज करते हुए बड़ी कार्रवाई की है। चंडीगढ़ पुलिस ने UT एडमिनिस्ट्रेटर गुलाब चंद कटारिया के निर्देशों पर शुरू किए गए एंटी-ड्रग कैंपेन के तहत 26 जून से 25 अक्टूबर 2026 के बीच नशीले पदार्थों से जुड़े मामलों में 213 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि 879 लोगों को एहतियातन हिरासत में लिया गया। इस दौरान कुल 173 FIR दर्ज की गईं। प्रशासन का उद्देश्य नशे की तस्करी पर रोक लगाना, युवाओं को नशे से बचाना और नशा मुक्ति के लिए जागरूकता बढ़ाना है।
नशे के खिलाफ अभियान के तहत 1,092 लोग गिरफ्तार
चंडीगढ़ पुलिस के अनुसार, इस दौरान कुल 1,092 लोगों को गिरफ्तार किया गया या एहतियात के तौर पर हिरासत में लिया गया। 11 सितंबर से तेज़ किए गए इस कैंपेन का मकसद ड्रग सप्लाई नेटवर्क को खत्म करना, नशीली दवाओं के गलत इस्तेमाल पर रोक लगाना और चंडीगढ़ को ड्रग-फ्री बनाने में लोगों की भागीदारी को बढ़ावा देना है। इस अभियान के दौरान पुलिस ने 2.9 किलोग्राम हेरोइन, 404 ग्राम आइस, 136.87 ग्राम कोकीन और करीब 2.956 किलोग्राम गांजा और 6.20 ग्राम अफीम समेत अन्य सामान बरामद किए। इसके साथ ही पुलिस ने चालीस इंजेक्शन, दो पिस्टल, चार कारतूस और ₹70,200 कैश भी बरामद किए।
पुलिस नेै कार्रवाई कर 13 केमिस्ट दुकानों पर छापेमारी की
चंडीगढ़ पुलिस ने अपने इस ऑपरेशन के दौरान नशे की लत पैदा करने वाली दवाओं की जांच के लिए 13 केमिस्ट दुकानों पर छापेमारी भी की। इस दौरान अधिकारियों ने पांच दुकानों से 30 तरह की आदत डालने वाली दवाएं ज़ब्त कीं। ज़ब्त किए गए स्टॉक में 2,417 कैप्सूल, 1,175 टैबलेट और 38 कफ सिरप की बोतलें थीं। जिनमें ट्रामाडोल, टैपेंटाडोल और कोडीन जैसे पदार्थ थे। ज़ब्त की गई। दवाओं की कीमत लगभग ₹1.37 लाख थी। यह ऑपरेशन पुलिस की उन कोशिशों का हिस्सा है जिनसे दवाओं की बिना इजाज़त बिक्री और गलत इस्तेमाल को रोका जा सके, जो नशे की लत बढ़ा सकती हैं।
65 ड्रग हॉटस्पॉट कर, 13 सरकारी ज़मीन पर कब्ज़ों को गिराया
इसके साथ ही चंडीगढ़ पुलिस अपनी कड़ी कार्रवाई के तहत खास चेकिंग, पेट्रोलिंग, तलाशी और निगरानी के लिए 65 ड्रग हॉटस्पॉट की पहचान की है। अधिकारियों ने 104 ऐसी जगहों की भी पहचान की है जहां ड्रग बेचने वालों ने कथित तौर पर सरकारी ज़मीन पर कब्ज़ा कर रखा है। इनमें से 13 कब्ज़ों को गिरा दिया गया है। इसके अलावा, ड्रग पेडलर्स से जुड़े 34 बिल्डिंग वायलेशन की पहचान की गई है, और संबंधित विभाग के सहयोग से आगे की कार्रवाई की जा रही है। इस कैंपेन के दौरान, ड्रग की लत से प्रभावित 83 लोगों की पहचान की गई, जिनमें से 37 को पुनर्वसन केंद्र में भर्ती कराया गया है।