Kerala SFI Protest: केरल में छात्र संगठन स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) ने अपने छात्र नेताओं पर कथित पुलिस कार्रवाई के विरोध में बुधवार को तिरुवनंतपुरम स्थित केरल सचिवालय तक मार्च निकाला। SFI का आरोप है कि केरल विश्वविद्यालय की ओर निकाले गए प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने संगठन के कार्यकर्ताओं और नेताओं पर अत्यधिक बल प्रयोग किया।
SFI के मुताबिक, मंगलवार को केरल विश्वविद्यालय की ओर निकाले गए मार्च के दौरान पुलिस कार्रवाई में संगठन की केंद्रीय समिति सदस्य आर्या प्रसाद और राज्य सचिवालय सदस्य वैष्णवी शाजी समेत कई कार्यकर्ता घायल हो गए। दोनों छात्र नेताओं को चोट लगने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया।
छात्र संगठन ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने उसके कार्यकर्ताओं के साथ बेरहमी से मारपीट की और महिला नेताओं को भी निशाना बनाया गया। SFI केंद्रीय कार्यकारी समिति ने इस कथित कार्रवाई की निंदा करते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
पलक्कड़ में भी SFI का प्रदर्शन, पुलिस ने छोड़ी पानी की बौछार
इधर, पलक्कड़ में भी SFI के नेतृत्व में छात्रों ने एसपी कार्यालय तक मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने चार बार वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। यह प्रदर्शन केरल विश्वविद्यालय मार्च के दौरान SFI के एक राज्य सचिवालय सदस्य के साथ कथित पुलिस मारपीट के विरोध में आयोजित किया गया था।
गृह मंत्री ने पुलिस कार्रवाई का किया बचाव
वहीं, केरल के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने मंगलवार को हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई का बचाव किया। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों द्वारा पुलिसकर्मियों पर हमला करने और उन्हें उकसाने के बाद ही वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया।
गृह मंत्री ने कहा कि वाटर कैनन का इस्तेमाल कोई नई बात नहीं है और पिछले कई वर्षों से प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए इसका उपयोग किया जाता रहा है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि सरकार के कार्यकाल के केवल 100 दिन पूरे होने के बाद इतने बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन और हिंसा की कोशिश क्यों की जा रही है।
चेन्निथला ने आरोप लगाया कि CPI(M) के अंदरूनी मतभेदों को छात्र आंदोलनों के माध्यम से सामने लाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने सवाल किया कि छात्रों की कौन सी मांग सरकार ने नहीं मानी है और डीजीपी कार्यालय तथा विश्वविद्यालय परिसर के बाहर इस तरह के प्रदर्शनों की जरूरत क्यों पड़ रही है।
दूसरी ओर, SFI ने अपने आरोपों को दोहराते हुए कहा कि केरल विश्वविद्यालय मार्च के दौरान महिला छात्र नेताओं को कथित तौर पर निशाना बनाया गया। संगठन का दावा है कि आर्या प्रसाद और वैष्णवी शाजी को सिर और चेहरे पर चोटें आई हैं। SFI ने मामले की उचित जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
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