India Stand with Nepal : नेपाल में आई प्राकृतिक आपदा का दंश झेल रहा त्रिशूली इस समय मदद की आस लगा रहा है। ऐसे में एक बार फिर भारत ने दोस्ती और भाईचारे की मिसाल पेश करते हुए नेपाल को आपका की स्थिति में मदद का हाथ आगे बढ़ाया है। नेपाल में बाढ़ आने के बाद से ही भारत लगातार राहत बचाव कार्य में मदद पहुंचा रहा है। भारत की तरफ से 5वां राहत विमान आज रवाना हो चुका है। इस विमान में 11 सदस्यों का दस्ता, बचाव में काम आने वाले जरूरी उपकरण के साथ-साथ 5.5 टन दवाइयों का कंटनेर भी भेजा है। विदेश मंत्री S. जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि, भारत इस समय आपदा की स्थिति से नेपाल को निकालने के लिए हर जरूरत को पूरा करने पर जोर दे रहा है। भारत की तरफ से अभी तक 68 टन से ज्यादा राहत सामग्री नेपाल को उपलब्ध कराई गई है।

पहले भी भेजे थे 4 विमान

भारत द्वारा भेजी गई राहत सामग्री में कंबल, स्लीपिंग बैग, तिरपाल, प्लास्टिक शीट और हाइजीन किट को शामिल किया गया है। इतना ही नहीं भारत ने दवाइयां, खाने के पैकेट, सोलर लैंप और पानी को साफ करने वाली गोलियां व पोर्टेबल जनरेटर भी भेजा है। बाढ़ प्रभावित लोगों को यह सारा सामान तत्काल पहुंचाया जा रहा है। पूर्व में भी भारत ने 4 विमान भेजकर राहत सामग्री, स्पेशल रेस्क्यू टीमों व अन्य कई जरूरी उपकरण भी उपलब्ध कराए। नेपाल में अभी भी स्थिति कंट्रोल में नहीं है, अभी भी हजारों लोगों का अता-पता नहीं लग पाया।

नेपाल में मरने वालों का आंकड़ा 1100 के पार

नेपाल में बीते सप्ताह आई बाढ़ ने तबाही का वो मंजर लोगों को दिखा दिया,जिसमें जलजले ने कई लोगों को लील लिया। कई इलाकों में नदियों का पानी बढ़ने से लोग प्रभावित हुए। अभी तक नेपाल में आई बाढ़ में मरने वालों की संख्या 1120 के पार पहुंच गई है। अलग-अलग जिलों से अभी भी नदी के किनारे शवों के मिलने का सिलसिला लगातार जारी है। नेपाल की नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी के मुताबिक अभी तक 1100 से ज्यादा शव बरामद कर लिए गए हैं। इसमें सबसे ज्यादा 321 शव चितवन में बरामद हुए। नवलपरासी पूर्व जिले से 216 शव मिले। नेपाल पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक अभी भी 4606 लोग लापता हैं। 583 विदेशी नागरिक भी लापता लोगों में शामिल हैं।

बचाव के लिए भारत ने बढ़ाया अपना हाथ

नेपाल सरकार द्वारा किए गए निवेदन के बाद भारत ने सहयोग का हाथ बढ़ाया है। भारत के साथ-साथ चीन ने भी नेपाल को सहयोग दिया है। दोनों देशों की तकनीकी टीमें भोटेकोशी और त्रिशूली नदी क्षेत्र में जलविद्युत परियोजनाओं के तहत सुरंगों में फंसे लोगों को खोजने में मदद की है। भारत की 19 सदस्यीय फोरेंसिक टीम भी इस समय नेपाल के विशेषज्ञों के साथ काम कर रही है और डीएनए नमूनों की जांच में जुटी है। इसका मकसद बाढ़ में मारे गए लोगों की पहचान कर उनके परिजनों को सही जानकारी देना है।

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