BRICS Business Forum: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को नई दिल्ली में आयोजित BRICS Business Forum के Leaders' Session को संबोधित करते हुए वैश्विक व्यापार और भारत की आर्थिक रणनीति पर बड़ा बयान दिया। पीएम मोदी ने कहा कि जहां दुनिया में व्यापारिक बाधाएं बढ़ रही हैं, वहीं भारत आर्थिक पुल बनाने का काम कर रहा है। उन्होंने बताया कि 2014 के बाद से भारत करीब 40 देशों के साथ Free Trade Agreements कर चुका है।

बाधाएं कम करना और कारोबार के अवसर बढ़ाना हमारा लक्ष्य
पीएम मोदी ने कहा कि भारत की आर्थिक नीति का फोकस व्यापार में आने वाली बाधाओं को कम करने और कारोबार के लिए नए अवसर पैदा करने पर है। उन्होंने कहा कि भारत की BRICS अध्यक्षता के दौरान कृषि, स्वास्थ्य, स्किल्स और स्मार्ट ग्रिड जैसे क्षेत्रों में नए सहयोग नेटवर्क स्थापित किए गए हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि इन सहयोगी प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल BRICS देशों के बीच निवेश और प्रतिभाओं के आदान-प्रदान को बढ़ाने के लिए किया जा सकता है।

Startup और MSME के लिए लॉन्च किए कई प्लेटफॉर्म
पीएम मोदी ने BRICS देशों के बीच स्टार्टअप और MSME सेक्टर को मजबूत करने के लिए शुरू की गई पहलों का भी जिक्र किया। इनमें BRICS Incubator Network, BRICS MSME Portal और BRICS Startup Innovation Fund शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि इन पहलों का उद्देश्य स्टार्टअप और MSME को बाजार और वित्तीय संसाधनों से जोड़ना है। इससे BRICS देशों के बीच निवेश और टैलेंट मोबिलिटी को बढ़ावा मिल सकता है।

Energy से Technology तक Supply Chain मजबूत
पीएम मोदी ने भारत की आर्थिक मजबूती के लिए Resilience को अहम बताया। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में भारत ने अपनी आर्थिक और व्यापार नीतियों की नींव 'Building for Resilience, Innovation, Cooperation, and Sustainability' जैसे विजन पर रखी है। प्रधानमंत्री के मुताबिक भारत ने ऊर्जा से लेकर तकनीक तक अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी सप्लाई चेन को ज्यादा विविध और भरोसेमंद बनाया है। वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच इसी मजबूती की वजह से भारत विकास और स्थिरता का भरोसा दे रहा है।

Roads, Railways से लेकर Semiconductors तक पर जोर
पीएम मोदी ने कहा कि भारत तेजी से सड़क, रेलवे, पोर्ट और एयरपोर्ट का विस्तार कर रहा है। इसके साथ ही रणनीतिक क्षेत्रों में नई क्षमताएं विकसित की जा रही हैं। इनमें Shipbuilding, Semiconductors, Quantum Technology, Critical Minerals और Biotechnology जैसे सेक्टर शामिल हैं। सरकार का जोर इन क्षेत्रों में भारत की आत्मनिर्भर क्षमता बढ़ाने पर है।

UPI का भी किया जिक्र
प्रधानमंत्री ने भारत के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की उपलब्धियों को भी BRICS मंच पर रखा। उन्होंने कहा कि Unified Payments Interface (UPI) ने बड़े स्तर पर Financial Inclusion और Digital Transactions को नई गति दी है। पीएम मोदी के मुताबिक, आज दुनिया के 50 प्रतिशत रियल-टाइम पेमेंट्स UPI तकनीक का इस्तेमाल करके किए जाते हैं।

भारत की BRICS अध्यक्षता का क्या है थीम?
भारत 2026 में BRICS की अध्यक्षता कर रहा है। इस दौरान भारत की अध्यक्षता का थीम 'Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability' रखा गया है। विकास, स्थिरता और इनोवेशन को इसके प्रमुख फोकस क्षेत्रों में शामिल किया गया है। BRICS Business Forum समूह का प्रमुख निजी क्षेत्र मंच है, जहां बिजनेस लीडर्स, मंत्री और राष्ट्राध्यक्ष व्यापार, निवेश, वित्त, तकनीक और विकास से जुड़ी चुनौतियों पर चर्चा करते हैं। फिलहाल BRICS में 11 देश ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, भारत, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और UAE शामिल हैं।