देश की पूर्व प्रधानमंत्री और भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की आज 31 अक्टूबर को 42वीं पुण्यतिथि मनाई जा रही है। इस अवसर पर कांग्रेस नेताओं ने उन्हें याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने नई दिल्ली स्थित शक्ति स्थल पहुंचकर पूर्व प्रधानमंत्री को नमन किया।

इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि पर देशभर में उनके राजनीतिक योगदान और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका को याद किया जा रहा है, उन्हें अपने दृढ़ नेतृत्व, साहसिक फैसलों और राजनीतिक इच्छाशक्ति के लिए भारतीय राजनीति की प्रभावशाली हस्तियों में गिना जाता है।

31 अक्टूबर 1984 को हुई थी इंदिरा गांधी की हत्या

इंदिरा गांधी की जिंदगी का अंत 31 अक्टूबर 1984 को एक दुखद घटना के साथ हुआ था। नई दिल्ली स्थित उनके सरकारी आवास पर उनके ही दो सुरक्षा गार्डों ने गोली मारकर उनकी हत्या कर दी थी। उस समय वह देश की प्रधानमंत्री थीं। उनकी हत्या ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था।

उनकी स्मृति में नई दिल्ली में शक्ति स्थल नाम से समाधि बनाई गई है, जहां हर साल पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

दो कार्यकाल में संभाली देश की कमान

इंदिरा गांधी ने जनवरी 1966 में पहली बार प्रधानमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली थी। वह 1966 से 1977 तक लगातार तीन कार्यकालों में देश की प्रधानमंत्री रहीं। इसके बाद 1980 में उन्होंने दोबारा सत्ता में वापसी की और अपनी मृत्यु तक इस पद पर बनी रहीं।

उनके कार्यकाल में भारत ने राजनीति, अर्थव्यवस्था, कृषि, बैंकिंग और विज्ञान के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण बदलाव देखे, उनके नेतृत्व में कृषि उत्पादन को बढ़ावा मिला, बैंकों के राष्ट्रीयकरण जैसे बड़े फैसले लिए गए और अंतरिक्ष एवं परमाणु कार्यक्रमों को नई दिशा मिली।

डीके शिवकुमार ने बताया लौह महिला

कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने भी इंदिरा गांधी को याद करते हुए उन्हें 'लौह महिला' बताया, उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी का राष्ट्र निर्माण में योगदान बेहद महत्वपूर्ण रहा है। शिवकुमार ने उनके 'गरीबी हटाओ' के नारे का उल्लेख करते हुए कहा कि यह गरीबों और वंचित वर्गों के कल्याण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

उन्होंने भारत के राजनीतिक, आर्थिक और संस्थागत विकास में इंदिरा गांधी की भूमिका की सराहना की। उनके मुताबिक, कृषि, बैंकिंग और अंतरिक्ष एवं परमाणु अनुसंधान जैसे क्षेत्रों में देश की प्रगति में उनके नेतृत्व का अहम योगदान रहा।

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भारतीय राजनीति में हमेशा याद किया जाएगा योगदान

इंदिरा गांधी का राजनीतिक जीवन कई बड़े फैसलों, ऐतिहासिक घटनाओं और चुनौतियों से जुड़ा रहा। उनके नेतृत्व और फैसलों को लेकर राजनीतिक बहस आज भी जारी है, लेकिन भारतीय राजनीति और देश के इतिहास पर उनके प्रभाव को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। 42वीं पुण्यतिथि पर उन्हें दी जा रही श्रद्धांजलि इस बात का प्रतीक है कि भारतीय लोकतंत्र और आधुनिक भारत के विकास की कहानी में उनका नाम हमेशा महत्वपूर्ण बना रहेगा।