Congress on Vote Chori: वोट चोरी के आरोपों और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे ‘वोट चोरी’ के खिलाफ उठ रही जनता की आवाज को दबाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को लेकर भी सवाल उठाए और पूछा कि आखिर मोदी-शाह उनका बचाव क्यों कर रहे हैं?

खड़गे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए दावा किया कि चुनाव आयोग को लेकर सामने आ रहे मामलों से ‘वोट चोरी’ के आरोपों पर सवाल बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष इस मुद्दे पर अपना लोकतांत्रिक संघर्ष जारी रखेगा। हालांकि, वोट चोरी और सरकार द्वारा आवाज दबाने के आरोप कांग्रेस के राजनीतिक दावे हैं।

‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर विपक्ष का आंदोलन जारी
खड़गे ने अपनी पोस्ट में कहा कि कथित अनियमितताओं को लेकर उठ रहे सवालों के बीच मोदी-शाह जनता के आंदोलन को दबाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की रणनीति से सरकार की छवि और लोकतंत्र की साख प्रभावित हो रही है। बता दें कि कांग्रेस अध्यक्ष ने यह भी कहा कि INDIA गठबंधन हर नागरिक के मतदान के अधिकार और संविधान की रक्षा के लिए अपना संघर्ष जारी रखेगा। विपक्ष लगातार SIR प्रक्रिया और मतदाता सूची से नाम हटाए जाने को लेकर सवाल उठा रहा है।

राहुल गांधी ने भी CEC पर लगाए आरोप
इससे पहले मंगलवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने नई दिल्ली के त्रिलोकपुरी ब्लॉक-20 में आयोजित ‘वोट अधिकार, जीने का अधिकार’ जनसुनवाई को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि देश में वोटों की चोरी ऊपर के स्तर से हो रही है और गरीब लोगों के नाम जानबूझकर मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं।

राहुल गांधी ने कहा कि मतदान का अधिकार हर भारतीय नागरिक का बुनियादी अधिकार है, लेकिन उनके मुताबिक देशभर में करोड़ों लोगों से यह अधिकार छीना जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि विपक्ष लंबे समय से इस मुद्दे को उठा रहा है और अब देश के लोग भी इसे समझने लगे हैं।

राहुल गांधी ने कहा कि इस मुद्दे पर पूरा विपक्ष एकजुट है। उन्होंने यह भी कहा कि जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उन्हें पद से नहीं हटाते, तब तक विपक्ष का आंदोलन जारी रहेगा।

30 अक्टूबर और 1 नवंबर को कांग्रेस के कार्यक्रम
कांग्रेस ने इस मुद्दे पर अपने आंदोलन को आगे बढ़ाने की योजना बनाई है। पार्टी की घोषणा के मुताबिक, 30 अक्टूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग जैसी सार्वजनिक कार्यवाही आयोजित की जाएगी। इसके बाद 1 नवंबर को ‘दिल्ली चलो’ मार्च और रामलीला मैदान में जनसभा प्रस्तावित है।

विपक्ष का कहना है कि मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और नाम हटाए जाने के मामलों पर जवाबदेही तय होनी चाहिए। वहीं, इन आरोपों की पुष्टि और संबंधित पक्षों के जवाब के आधार पर ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट होगी। 

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