Pakistan: "घर में नहीं दाने, अम्मा चली भुनाने" यह कहावत कंगाल पाकिस्तान पर बिल्कुल सटीक बैठती है। पड़ोसी मुल्क की आवाम दाने-दाने के लिए तरस है। महंगाई ने आम लोगों की कमर तोड़ रखी है। 25000 रूपये का एक सिलेंडर मिल रहा है। आलम यह है कि कई प्रांत टूट के कगार पर है। इसके बाद भी शहबाज सरकार को अकल नहीं आ रही है। एक बार फिर पाक के पीएम Shehbaz Sharif ने जम्मू कश्मीर का राग अलापना शुरू कर दिया है। चलिए आपको बताते है क्या है पूरी कहानी?
Shehbaz Sharif ने फिर उठाया कश्मीर का मुद्दा
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा, "भारत के अवैध कब्जे वाले जम्मू और कश्मीर (IIOJK) के लोगों ने भारी कठिनाइयों, पीड़ा और दमन का सामना किया है। फिर भी, उनके साहस, सहनशक्ति और अपने मौलिक अधिकारों को हासिल करने के अटूट संकल्प में कोई कमी नहीं आई है। कई पीढ़ियों के बलिदान इस बात का सशक्त प्रमाण हैं कि वे आज भी आज़ादी, सम्मान और न्याय के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।
भारत ने वैध राजनीतिक अभिव्यक्ति को दबाने और कश्मीरी लोगों की आकांक्षाओं को आवाज़ देने वालों को चुप कराने की अपनी कोशिशें जारी रखी हैं। कश्मीरी राजनीतिक नेताओं, कार्यकर्ताओं और मानवाधिकार रक्षकों को लंबे समय तक कैद में रखना बेहद चिंताजनक है। यह इस बात को रेखांकित करता है कि उचित कानूनी प्रक्रिया का पालन हो, बुनियादी स्वतंत्रताओं का सम्मान किया जाए, और जम्मू-कश्मीर के हालात पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अधिक ध्यान दिया जाए"।
क्या है असल सच्चाई?
जम्मू कश्मीर की बात करें तो पिछले कुछ सालों में वहां जबरदस्त विकास देखने को मिला है। वहां पर रह रहे युवाओं को सरकार की तरफ से नौकरी प्रदान की जा रही है। नए-नए कॉलेज और स्कूलों को स्थापित किया गया है। इसके अलावा भारत के लगभग सभी राज्य की कनेक्टिविटी सीधे कश्मीर तक हो गई है। जम्मू से सीधे श्रीनगर तक वंदे भारत ट्रेन का संचालन जारी है। अगर Pakistan के बयान को देखें तो इसमें एक परसेंट तक की सच्चाई नहीं है।
खाने की लिए तरसती पाकिस्तानी आवाम
पिछले कुछ महीनों से पाकिस्तान की स्थिति लगातार चिंताजनक बनी हुई है। पीओके की जनता सड़कों पर है। पेट्रोल-डीजल के साथ-साथ महंगाई ने कमर तोड़ रखी है। जनता की बात सुनने के बजाय शहबाज़ शरीफ़ बस फालतू का बयान दे रहे है और कश्मीर को लेकर लगातार बयान बाजी कर रहे है।