uttar pradesh : उफान मारती लहरों का कोई खौफ नहीं करना, क्योंकि समंदर चीर कर जो निकलता है वही सिकंदर कहलाता है। ठीक इसी तरह अपने हौसले से समुद्र की लहरों का सामना कर आजमगढ़ की जल परी जिया राय ने अपनी तैराकी के दम पर कुछ ही घंटों में पैरा तैराकी में ट्रिपल क्रॉउन का खिताब जीत लिया है। जिया राय इस खिताब को हासिल करने वाली विश्व की पहली महिला तैराक बन चुकी है। जिया ने बैटरी पार्क सिटी से अपनी तैराकी के सफर का आगाज किया था। इस कीर्तिमान को स्थापित करने के जिया राय ने 100 साल पुराने तैराकी अभियान के इतिहास में अपने नाम को दर्ज करा लिया है। ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर से ग्रस्ति होने के साथ इस मुकाम को हासिल करने वाली पहली लड़की बन चुकी हैं।

ट्रिपल क्रॉउन किया हासिल

जिया राय ने समंदर की लहरों का सामना करते हुए पैरा तैराकी में नया विश्व रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज कर साबित कर दिया है कि हौसले अगर मजबूत हो तो मुश्किलों का सामना आसानी से किया जा सकता है। जिया राय ने अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर के मैनहैट्टन में चारों तरफ 48 किलोमीटर की कठिन तैराकी को अकेले ही तैरते हुए पार कर लिया। तेज लहरों को चीरते हुए ओपन वॉटर स्विमिंग का प्रतिष्ठित ट्रिपल क्रॉउन हासिल कर भारत को तो बड़ी पहचान दिलाई ही है, साथ ही दुनिया की पहली महिला पैरा तैराक की उपलब्धि हासिल कर दी है।

महज 8 घंटे 53 मिनट में 48 किलोमीटर सफर तय

जहां विश्व के कई बड़े तैराक इस खिलाब को हासिल करने का सपना देख रहे थे। तो वहीं जिया राय ने इस विश्व रिक़र्ड को अपने नाम दर्ज कर इस सपने को साकार कर दिया है। 18 साल की जिया राय के जहन में हौसलों की उड़ान भरने का दम था। जिया राय ऑटिज्म स्पेक्ट्रम से ग्रसित है और बोलने में भी असमर्थ है। लेकिन इसके बाद भी जिया राय ने हार न मानने की ठान ली। लगभग 48 किलोमीटर लंबी 20 ब्रिजेस स्विम अराउंड मैनहट्टन को जिया राय ने महज 8 घंटे 53 मिनट में तेज लहरों का सामना करते हुए पूरा किया।

खतरनाक थी चुनौती

जिया ने बैटरी पार्क सिटी से तैराकी शुरु कर चंद घंटों में मंजिल के सफर को तय किया। जिया की जीत के बाद न्यूयॉर्क में भारत के महावाणिज्य विशाल जयेश भाई हर्ष के हाथों उन्हें सम्मान दिलाया। जिया के पिता मदन के जानकारी देते हुए बताया कि, मैनहट्टन के आस-पास तैराकी करना दुनिया की सबसे खतरनाक चुनौती है। यहां पानी का तापमान 20 डिग्री सेल्सियस होता है। जो शरीर को सुन्न करने के साथ हाइपोथर्मिया के खतरे को भी बढ़ा देता है।

पूर्व में भी कई खिताब किए हासिल

पानी की तेज लहरे और उनके बीच नावों का आना-जाना जिया के सामने बड़ी समस्या बन सकता था। लेकिन अपनी समझदारी से जिया ने उस जोखिम का डटकर सामना किया और अपने मुकाम को हासिल किया। जिया ने साल 2024 में इंग्लिश चैनल को पार करने का रिकॉर्ड भी अपने नाम दर्ज किया। साल 2025 में वह कैटालिना चैनल को भी पार कर चुकी हैं।

प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार भी मिल चुका

जिया की तैराकी का कौशल और उनका मजबूत जज्बा ही उन्हें साल 2022 में देश के प्रधानमंत्री के द्वारा प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार भी दिलवा चुका है। इसके साथ ही साल 2023 में दिव्यांग सशक्तिकरण राष्ट्रीय पुरस्कार और साल 2024 में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित WOWSA अवार्ड भी जिया को मिल चुका है। जो लोग मुसीबत के आगे घुटने टेक देते हैं। वहां जिया राय ऐसे लोगों के लिए किसी प्रेरणा से कम नहीं है।

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